
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी में मेयर की कुर्सी किसके हाथ लगेगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। बीएमसी के लॉटरी ड्रॉ में मेयर का पद सामान्य श्रेणी की महिला के लिए रिजर्व किया गया है। दौड़ में पांच से छह महिला पार्षद हैं, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, राजेश्री शिरवडकर और शीतल गंभीर देसाई सबसे मजबूत उम्मीदवार मानी जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस से लौटने के बाद मेयर चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और उनके निर्णय पर ही अंतिम फैसला होगा।
राजेश्री शिरवडकर: अनुभव और जनप्रतिष्ठा
वार्ड 172 से दो बार पार्षद रह चुकीं राजेश्री शिरवडकर बीएमसी की हेल्थ और एजुकेशन कमेटी की पूर्व सदस्य भी रह चुकी हैं। 47 वर्षीय राजेश्री ने सर जे जे स्कूल ऑफ आर्ट से बीएफए एप्लाइड आर्ट की डिग्री ली है और वे बीजेपी महिला मोर्चा की महासचिव भी हैं। उनके पति मुंबई बीजेपी में अहम पद पर हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राजेश्री हिंदू और मराठी पहचान, साथ ही मुंबई की समझ के मामले में काफी मजबूत हैं।
शीतल गंभीर: माहिम से दिग्गज परिवार की प्रतिनिधि
वार्ड 190 से चुनी गईं शीतल गंभीर देसाई भी दूसरी बार पार्षद बनी हैं और वर्तमान में मुंबई बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष हैं। 44 वर्षीय शीतल, मुंबई के माहिम इलाके से हैं, जो मराठी बहुल क्षेत्र है। शीतल, अपने पिता और दिग्गज नेता सुरेश गंभीर की राजनीति से जुड़ी हैं। 10 साल पहले उन्होंने और उनके पिता ने शिवसेना छोड़कर बीजेपी का रुख अपनाया था।
अन्य दावेदार और बीजेपी का लंबा इंतजार
इस चुनाव में अन्य नामों में अलका केरकर, रितु तावड़े, तेजस्वी घोसालकर का भी जिक्र है। बीजेपी के 89 पार्षदों में 49 महिलाएं हैं। मुंबई की मेयर कुर्सी पर लंबे समय बाद बीजेपी का कब्जा होगा। पिछले 25 साल से यह पद उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के पास रहा है।
इतिहास में मुंबई की पहली महिला मेयर सुलोचना मोदी रही हैं। वहीं बीजेपी के पहले मेयर का गौरव डॉ. प्रभाकर संजीव पई को प्राप्त है, जिन्होंने 1982 से 1983 तक यह पद संभाला था।
मुंबई में मेयर चुनाव की यह रेस न केवल राजनीतिक रणनीति बल्कि शहर की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का भी दर्पण है।