
जकार्ता: इंडोनेशिया के वेस्ट जावा प्रांत में शनिवार को भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई। इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है, जबकि 82 लोग अभी भी लापता हैं। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन भारी मलबा और बारिश की वजह से बचाव दल को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, भूस्खलन वेस्ट बांडुंग क्षेत्र के एक गांव में हुआ, जिससे गांव का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया। मौसम विभाग ने शुक्रवार से वेस्ट जावा प्रांत में भारी बारिश और खराब मौसम की चेतावनी जारी की थी, जिसने स्थिति को और गंभीर बना दिया।
बीते साल भी हुई थी भारी तबाही
इंडोनेशिया प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बेहद संवेदनशील देश है। बीते साल नवंबर-दिसंबर में सुमात्रा द्वीप में बाढ़ और भूस्खलन से 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी, जबकि पांच हजार से अधिक लोग घायल हुए थे। इस आपदा में करोड़ों डॉलर का आर्थिक नुकसान भी हुआ था।
विशेषज्ञों के अनुसार, इंडोनेशिया पैसिफिक रिंग ऑफ फायर पर स्थित है और यहां तेज भूकंप, जानलेवा बाढ़ और लैंडस्लाइड जैसी घटनाएं सालाना आम हैं। भूस्खलन और बाढ़ की लगातार घटनाओं से देश को हर साल भारी मानवीय और आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है।
राहत कार्य जारी
इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने कहा है कि लापता लोगों की खोज और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित गांव में फंसे लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और सुरक्षित स्थान पर उन्हें स्थानांतरित करने के लिए आपात योजना लागू की है।