
वॉशिंगटन: अमेरिका इस समय सर्दियों के सबसे बड़े तूफानों में से एक की चपेट में है। रॉकी माउंटेंस से लेकर पूर्वी समुद्र तट तक भारी बर्फबारी, ओले और जमने वाली बारिश के चलते देश के 15 से अधिक राज्यों में मौसम आपातकाल घोषित किया गया है। अनुमान है कि इस तूफान से लगभग 14 करोड़ अमेरिकी प्रभावित हो सकते हैं।
उड़ानों और यात्रा पर असर
वीकेंड पर बर्फीले तूफान के कारण 8000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटअवेयर के अनुसार, शनिवार को 3400 से अधिक उड़ानों में देरी या रद्दीकरण हुआ, जबकि रविवार के लिए 5000 से ज्यादा उड़ानें कैंसल की गईं। भारतीय विमानन कंपनी एयर इंडिया ने न्यूयॉर्क और नेवार्क से आने-जाने वाली सभी उड़ानों को 25 और 26 जनवरी के लिए रद्द कर दिया है और यात्रियों को अपनी फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सलाह दी है।
मौसम और चेतावनी
नेशनल वेदर सर्विस ने पूर्वी टेक्सास से नॉर्थ कैरोलिना तक खतरनाक बर्फ की पट्टी बनने की चेतावनी दी है। वॉशिंगटन से न्यूयॉर्क और बोस्टन तक लगभग 1 फुट बर्फ गिरने का अनुमान है। तूफान के चलते कई राज्यों के गवर्नरों ने आपातकाल घोषित किया है और नागरिकों से घर पर रहने की अपील की गई है।
बिजली और बुनियादी ढांचे पर खतरा
ऊर्जा कंपनियों ने भी तूफान के प्रभाव को देखते हुए बिजली कटौती की तैयारी शुरू कर दी है। भारी बर्फ और तूफान से ढंके पेड़ गिर सकते हैं, जिससे बिजली लाइनें प्रभावित हो सकती हैं।
सावधानी बरतें
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तूफान दक्षिण से गुजरने के बाद उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा, इसलिए नागरिकों को आवश्यक सामान, सुरक्षा उपाय और यात्रा रद्द करने जैसी सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है।