
गोरखपुर: यूपी के गोरखपुर में अंशिका सिंह के कारनामों की लंबी लिस्ट सामने आई है। जानकारी के अनुसार उसने लगभग 150 लोगों को फंसाकर उनसे पैसे ऐंठे, जिसमें 12 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। संघड़िया इलाके में हाल ही में एक अस्पताल के मैनेजर की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अंशिका को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब पुलिस अंशिका और उसके गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने की तैयारी में है।
पिता की मौत के बाद परिवार हुआ बेलगाम
कोरोना काल में अंशिका के पिता की मृत्यु के बाद परिवार बिखर गया। ग्रामीणों के अनुसार, अंशिका और उसके परिवार का आचरण हमेशा विवादित रहा, जिससे लोग उनसे दूरी बनाए रखते थे। परिवार में मां, चार बहनें और एक भाई हैं। दो बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि तीसरी की शादी नौ फरवरी को तय है। अंशिका परिवार की सबसे छोटी बेटी है।
इकलौता भाई छोड़कर चला गया गांव
अंशिका का इकलौता भाई तीन साल पहले अपनी पत्नी के साथ पुणे चला गया और तभी से गांव से उसका संपर्क समाप्त हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि अंशिका, उसकी मां और मंझली बहन के कई संदिग्ध कृत्यों के कारण गांव में अविश्वास का माहौल बना हुआ था।
महंगी शौकों के लिए ब्लैकमेलिंग
पुलिस जांच में यह सामने आया कि अंशिका ब्लैकमेलिंग के जरिए अपने महंगे शौक पूरे करती थी। वह न्यूड वीडियो कॉल के माध्यम से लोगों को मुकदमे का डर दिखाकर उनसे पैसे ऐंठती थी। अंशिका गोरखपुर में किराए के मकान में अकेली रहती थी।
घटना के दिन अंशिका अपने चार दोस्तों के साथ मकान में जन्मदिन मना रही थी। इसी दौरान अस्पताल के मैनेजर विशाल वहां पहुंचे, जो ब्लैकमेलिंग के पैसे देने आए थे। कथित कहासुनी के दौरान गोली चल गई और विशाल की मौके पर ही मौत हो गई।
पढ़ाई और संगति पर सवाल
अंशिका केवल आठवीं तक पढ़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि अंशिका को कई बार संदिग्ध लोगों के साथ देखा गया था। मां और बहनें अक्सर घर से बाहर रहती थीं, जिससे गांव में उनके प्रति अविश्वास और बढ़ गया।
पुलिस ने अंशिका को गिरफ्तार कर गैंगस्टर एक्ट के तहत गंभीर कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है।