
दौसा।
राजस्थान के दौसा जिले से एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां सपनों से भरी एक युवा जिंदगी प्रेम में मिले कथित धोखे की भेंट चढ़ गई। बैजूपाड़ा थाना क्षेत्र के लोटवाड़ा गांव में बीए फाइनल ईयर की 22 वर्षीय छात्रा संजना ने अपने ही कमरे में दुपट्टे का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पीछे रह गई एक नोटबुक, जिसके पन्नों पर दर्द, पछतावा और टूटे भरोसे की कहानी लिखी मिली।
दादा-दादी के साथ रहकर गढ़ रही थी भविष्य
संजना पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर थी। वह गांव में अपने दादा-दादी के पास रहकर स्नातक की पढ़ाई कर रही थी, जबकि उसके माता-पिता गुरुग्राम में मजदूरी कर बेटी के उज्ज्वल भविष्य के सपने संजोए हुए थे। किसी ने भी नहीं सोचा था कि मेहनत और उम्मीदों के बीच पल रही यह बेटी इस तरह खामोशी से दुनिया छोड़ जाएगी।
नोटबुक में मिला माफीनामा, छलका मन का दर्द
पुलिस को घटनास्थल से संजना की एक नोटबुक मिली है, जिसमें उसने भावुक शब्दों में लिखा—
“मुझे धोखा मिला है… मम्मी-पापा मुझे माफ करना।”
थानाधिकारी जगदीश शर्मा के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि संजना का गांव के ही एक युवक से प्रेम संबंध था। बीते कुछ समय से दोनों के बीच तनाव और अनबन चल रही थी, जिससे वह गहरे मानसिक दबाव में थी।
जांच में जुटी पुलिस, गांव में पसरा सन्नाटा
घटना के बाद पूरे गांव में शोक और सन्नाटा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए बांदीकुई अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस सुसाइड नोट, मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य पहलुओं के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है।
सवाल छोड़ गई संजना की चुप्पी
संजना की मौत सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि समाज के सामने यह सवाल भी छोड़ गई है कि क्या भावनात्मक टूटन और अकेलापन आज की युवा पीढ़ी को भीतर ही भीतर तोड़ रहा है। गांव, परिवार और सहेलियों के बीच अब सिर्फ एक ही सवाल है—
अगर संजना ने अपने मन का बोझ किसी से बांट लिया होता, तो क्या उसकी जिंदगी बच सकती थी?