
नई दिल्ली: 26 जनवरी से पहले अक्षिता धनखड़ का नाम पूरे देश में चर्चा में है। वजह है कि वह इंडियन एयर फोर्स में फ्लाइट लेफ्टिनेंट के रूप में 77वें गणतंत्र दिवस परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगी।
गांव की गलियों से देश सेवा का सपना:
हरियाणा के कासानी गांव की रहने वाली अक्षिता बचपन में गणतंत्र दिवस परेड देखती थीं। खास बात यह थी कि जब वह परेड में अपने पिता की वर्दी में भागीदारी देखतीं, तो उनका देशसेवा का सपना और मजबूत हो जाता। पिता से प्रेरणा लेकर उन्होंने बचपन में ही अपने लिए एक लक्ष्य तय किया – देश की सेवा करना।
शिक्षा और NCC ने बनाया मजबूत आधार:
अक्षिता ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज से पढ़ाई की। इसी दौरान वह नेशनल कैडेट कोर (NCC) में शामिल हो गईं। NCC की ट्रेनिंग ने उन्हें अनुशासन, लीडरशिप और आर्मी में आवश्यक कौशल सिखाए। यही आधार था जिसने उनके करियर की नींव मजबूत की।
AFCAT से सिलेक्शन और फ्लाइट लेफ्टिनेंट का पद:
कुछ साल बाद अक्षिता ने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) दिया और इसे क्रैक कर लिया। मैसूर में एयर फोर्स सिलेक्शन बोर्ड (AFSB) से रिकमेंडेशन मिलने के बाद 2023 में उन्हें फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन मिला। अपनी मेहनत और लीडरशिप क्वालिटी के आधार पर उन्हें फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर प्रमोशन भी मिला। वर्तमान में वह एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच में ऑपरेशन संबंधित महत्वपूर्ण कार्य देखती हैं।
गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति संग तिरंगा फहराना:
अक्षिता का नाम अभी पूरे देश में चर्चा का विषय है। 26 जनवरी 2026 को वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगी। वह बताती हैं कि यह पल उनके परिवार के लिए गर्व का है। अपने पिता और परिवार से प्रेरणा लेकर उन्होंने जो सपना बचपन में देखा था, वह अब पूरा हो गया है।
अक्षिता धनखड़ की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो देश सेवा और अपने सपनों को साकार करने की राह पर हैं। गांव की गलियों से लेकर राष्ट्र की शान तक पहुंचने वाली यह बेटी देश की सैन्य शक्ति में बेटियों की भागीदारी का प्रतीक बन गई है।