
नई दिल्ली: अमेरिका में उच्च शिक्षा हासिल करना किसी भी छात्र के लिए सपना होता है, लेकिन इसकी महंगी ट्यूशन फीस और जीवनयापन खर्च इसे चुनौतीपूर्ण बना देते हैं। हॉस्टल, खाने-पीने, किताबें, ट्रैवल और वीजा की फीस सहित खर्च विदेशी छात्रों के लिए लाखों रुपये तक पहुंच जाता है। अमेरिकी सरकार विदेशी छात्रों को फेडरल स्टूडेंट लोन या आर्थिक मदद भी नहीं देती।
इसी वजह से कई अमेरिकी कॉलेज विदेशी छात्रों को फाइनेंशियल एड (आर्थिक मदद) प्रदान करते हैं, ताकि उनकी पढ़ाई का खर्च काफी हद तक कम हो सके। यूएस न्यूज के मुताबिक, अकेडमिक ईयर 2024-25 में 823 कॉलेजों ने विदेशी छात्रों को औसतन 25,000 डॉलर की आर्थिक मदद दी।
सबसे ज्यादा मदद देने वाले 20 कॉलेज:
इनमें कुछ ऐसे कॉलेज भी हैं, जहां औसत फाइनेंशियल एड आम मदद का 3 गुना यानी लगभग 84,000 डॉलर (लगभग 75 लाख रुपये) तक है। ये कॉलेज हैं:
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वेस्लेयन यूनिवर्सिटी – ₹75 लाख
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विलियम कॉलेज – ₹73.67 लाख
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ड्यूक यूनिवर्सिटी – ₹73.53 लाख
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वेलेस्ली कॉलेज – ₹73.38 लाख
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हैवरफोर्ड कॉलेज – ₹72.90 लाख
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पोमोना कॉलेज – ₹72.40 लाख
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वासर कॉलेज – ₹71.85 लाख
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स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी – ₹70.72 लाख
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कॉर्नेल यूनिवर्सिटी – ₹70.26 लाख
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डार्टमाउथ कॉलेज – ₹70.11 लाख
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येल यूनिवर्सिटी – ₹69.87 लाख
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स्मिथ कॉलेज – ₹69.37 लाख
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कैलिफोर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी – ₹68.89 लाख
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एमहर्स्ट कॉलेज – ₹68.83 लाख
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प्रोविडेंस कॉलेज – ₹68.64 लाख
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ब्राउन यूनिवर्सिटी – ₹68.53 लाख
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स्वार्थमोर कॉलेज – ₹67.66 लाख
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कोल्बी कॉलेज – ₹67.36 लाख
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कोलगेट यूनिवर्सिटी – ₹66.87 लाख
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टफ्ट्स यूनिवर्सिटी – ₹66.70 लाख
मुख्य बिंदु:
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वेस्लेयन यूनिवर्सिटी विदेशी छात्रों को सबसे अधिक आर्थिक मदद देती है।
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अकेडमिक ईयर 2024-25 में 108 विदेशी छात्रों को कनेक्टिकट की प्राइवेट लिबरल यूनिवर्सिटीज से आर्थिक सहायता मिली।
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इस लिस्ट में शामिल अधिकांश कॉलेज अमेरिका के पूर्वी हिस्से में स्थित हैं।
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मैसाचुसेट्स की 5, न्यूयॉर्क की 3 और कनेक्टिकट की 2 यूनिवर्सिटी इस लिस्ट में शामिल हैं। इसके अलावा पेंसिल्वेनिया, रोड आइलैंड, मेन, हैम्पशायर और नॉर्थ कैरोलिना की यूनिवर्सिटी भी इसमें हैं।
विदेशी छात्रों के लिए यह फाइनेंशियल एड अमेरिका में उच्च शिक्षा हासिल करने का सुनहरा अवसर प्रदान करती है, जिससे उनकी पढ़ाई का खर्च कम होकर अवसरों का रास्ता खुलता है।