Saturday, January 24

वरिष्ठ अधिवक्ता अंशुल राज बने पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश जानिए—शिक्षा से लेकर न्यायिक सफर तक की पूरी कहानी

पटना।
पटना उच्च न्यायालय को नया न्यायाधीश मिल गया है। भारत के राष्ट्रपति ने वरिष्ठ अधिवक्ता अंशुल राज को पटना हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया है। इस संबंध में केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय की ओर से शुक्रवार शाम अधिसूचना जारी की गई। अंशुल राज की नियुक्ति की खबर से विधि जगत और उनके शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है।

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न्यायमूर्ति (नामित) अंशुल राज का जन्म वर्ष 1971 में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा पटना में ही हुई। उन्होंने सर गणेश दत्त पाटलिपुत्र हाई स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की और इसके बाद पटना साइंस कॉलेज से विज्ञान संकाय में इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। पटना विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद उन्होंने मगध विश्वविद्यालय से विधि स्नातक (एलएलबी) की डिग्री प्राप्त की।

वर्ष 2003 में अधिवक्ता के रूप में नामांकन के बाद अंशुल राज ने अपने विधिक करियर की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट से की। वहां उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पटना हाई कोर्ट के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नागेंद्र राय के मार्गदर्शन में प्रैक्टिस की। वर्ष 2009 में वे पटना लौट आए और अपने पिता व वरिष्ठ अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा तथा राज्य सरकार के अधिवक्ता अरविंद उज्जवल के साथ पटना हाई कोर्ट में वकालत शुरू की।

पटना हाई कोर्ट में उन्होंने सिविल, संवैधानिक और आपराधिक मामलों में मजबूत पकड़ बनाई। कुछ समय तक वे बिहार सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में भी कार्यरत रहे। उनकी कानूनी दक्षता और अनुभव को देखते हुए 18 दिसंबर 2024 को उन्हें पटना हाई कोर्ट का वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया गया।

इसके बाद 24 फरवरी 2025 को कॉलेजियम ने उनकी नियुक्ति पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में करने की सिफारिश की थी, जिसे अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है।

अंशुल राज की नियुक्ति को पटना हाई कोर्ट के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि उनके अनुभव और न्यायिक दृष्टिकोण से न्यायालय को नई मजबूती मिलेगी।

 

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