Sunday, January 25

कांग्रेस विधायकों की दिल्ली बैठक में तय हुआ राजद से अलग होने का रुख मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी में छह विधायकों ने किया पार्टी लाइन का समर्थन

पटना।
बिहार कांग्रेस में पिछले कुछ दिनों से चल रही टूट की अटकलों पर विराम लग गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में आयोजित बैठक में कांग्रेस के सभी छह विधायक मौजूद रहे और पार्टी के अनुशासन को लेकर अपना समर्थन जताया। इससे पहले जदयू और बीजेपी की ओर से यह दावा किया जा रहा था कि बिहार के कुछ कांग्रेस विधायक एनडीए में शामिल होने जा रहे हैं।

This slideshow requires JavaScript.

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली की बैठक में अनुशासन बनाए रखना केंद्रीय मुद्दा रहा। खरगे ने प्रदेश कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों और विधायकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर केवल अधिकृत लोग ही पार्टी लाइन के अनुसार बयान देंगे। पार्टी लाइन से हटकर बोलने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

बैठक में मुख्य चर्चा यह रही कि बिहार में कांग्रेस राजद के साथ गठबंधन बनाए रखे या अकेले दम पर चुनाव लड़े। सभी छह विधायकों ने राजद के साथ चुनाव लड़ने का विरोध किया। उनका मानना था कि राजद के साथ गठबंधन पार्टी की छवि के लिए हानिकारक है और इससे सीटों का नुकसान हुआ है।

सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस पदाधिकारियों में राजद के साथ राजनीति को लेकर मतभेद थे। कुछ नेताओं का कहना था कि राजद के साथ गठबंधन लाभकारी होगा, जबकि अन्य राजद से दूरी बनाए रखने की वकालत कर रहे थे। बैठक में वरिष्ठ नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने राजद के साथ गठबंधन को बिहार की जरूरत बताते हुए इसके पक्ष में तर्क पेश किए।

बैठक में यह भी तय किया गया कि बिहार में कांग्रेस विधायक दल का नेता कौन होगा। चर्चा में विधायकों के राजनीतिक अनुभव और विधानसभा में उनके योगदान पर विचार किया गया। इसके लिए वरिष्ठ नेता और तीन बार के विधायक अबीदुर रहमान और पहली बार विधायक बने अभिषेक रंजन के नाम पर विचार किया जा रहा है। अबीदुर रहमान अनुभव और मुस्मिल वोट बैंक में पकड़ के कारण मजबूत दावेदार हैं, जबकि अभिषेक रंजन युवाओं को आगे लाने और नई ऊर्जा के कारण एक विकल्प माने जा रहे हैं। अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान पर छोड़ दिया गया है।

बैठक के बाद पार्टी के अंदर स्पष्ट संदेश गया कि बिहार कांग्रेस अब राजद के साथ नहीं बल्कि अपनी शक्ति और पहचान के साथ चुनावी तैयारी करेगी।

 

Leave a Reply