
धर्मनगरी अयोध्या में गुरुवार रात उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब मंच पर भजन प्रस्तुत कर रहे 28 वर्षीय लोक गायक सोनू सांवरिया की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वे मंच पर ही गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इस हृदयविदारक घटना से संगीत जगत और उनके प्रशंसकों में गहरा दुख है।
मूल रूप से बाराबंकी जिले के हैदरगंज बाजार निवासी सोनू सांवरिया अयोध्या के सोहावल क्षेत्र के खिरौनी गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। इसके बाद देर शाम वे नाका रायबरेली बाईपास स्थित शिव मंदिर में आयोजित भजन संध्या कार्यक्रम में प्रस्तुति दे रहे थे। रात करीब आठ बजे मंच पर गाते समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
15 वर्ष की उम्र में बनाई थी पहचान
स्थानीय लोगों के अनुसार, सोनू सांवरिया ने बेहद कम उम्र में लोक और भक्ति संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली थी। हैदरगंज गांव के प्रधान राकेश अग्रहरि ने बताया कि शनिवेंद्र कुमार उर्फ सोनू सांवरिया ने मात्र 15 वर्ष की उम्र में सागर अग्रहरि के साथ कीर्तन मंडली से अपने गायन करियर की शुरुआत की थी। उनकी सुरीली आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुति ने उन्हें तेजी से लोकप्रिय बना दिया था।
परिवार का इकलौता बेटा
सोनू सांवरिया अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। उनके पिता बाहर रहते हैं, जबकि परिवार में उनकी एक विवाहित बहन हैं। बेटे की असमय मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है।
संगीत जगत में शोक की लहर
सोनू सांवरिया के असमय निधन की खबर फैलते ही स्थानीय कलाकारों, आयोजकों और श्रद्धालुओं में शोक व्याप्त हो गया। कई कलाकारों ने उन्हें एक होनहार और समर्पित गायक बताते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की है।