
नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में आज भारी दबाव देखा गया। सुबह बाजार तेजी के साथ खुला, लेकिन दोपहर के समय अचानक गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स 800 अंक से अधिक गिरकर 81,506.85 पर आ गया, जबकि निफ्टी 25,049.80 पर बंद हुआ। इस गिरावट के कारण BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 5.7 लाख करोड़ रुपये घटकर 452.69 लाख करोड़ रुपये रह गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली बाजार पर सबसे बड़ा दबाव रही। जनवरी में लगातार 13वें दिन FIIs ने बिकवाली की। गुरुवार को उन्होंने 2,550 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वर्ष 2025 में विदेशी बिकवाली और घरेलू खरीदारों के बीच जो खींचतान देखने को मिली थी, वह 2026 में भी जारी है।
इसके अलावा भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर हो रहा है। दिन में रुपया 91.7425 के पिछले निचले स्तर को पार कर 91.77 तक गिर गया। विशेषज्ञों के अनुसार, रुपये में गिरावट की मुख्य वजह कॉर्पोरेट्स और आयातकों की तरफ से डॉलर की बढ़ती मांग है। रुपये का नया निचला स्तर स्थानीय शेयर बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को और बढ़ा रहा है।
बाजार की यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब एक दिन पहले ही सेंसेक्स ने लगातार तीन दिनों की कमजोरी को तोड़ा था। शुक्रवार को एशियाई बाजारों में आई तेजी और भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी के बावजूद, घरेलू निवेशकों ने मुनाफावसूली को तरजीह दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपया कमजोर होने की स्थिति अगले कुछ दिनों तक बाजार पर दबाव बनाए रख सकती है।