
वॉशिंगटन। चीन और रूस से बढ़ते हवाई खतरे के बीच अमेरिका अपनी हवाई ताकत में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अमेरिकी नौसेना छठवीं पीढ़ी के अत्याधुनिक F/A-XX फाइटर जेट पर तेजी से काम कर रही है। यह जेट चीनी J-20 और J-35 फाइटर जेट से निपटने के लिए बनाया जा रहा है।
अमेरिका का उद्देश्य:
- F/A-XX को अमेरिकी सुपर एयरक्राफ्ट कैरियर पर तैनात किया जाएगा।
- इसका मकसद चीन और रूस के एयर डिफेंस के खिलाफ अमेरिका की श्रेष्ठता बनाए रखना है।
- अमेरिकी नौसेना का कहना है कि यह जेट 125% ज्यादा रेंज और एआई-सक्षम ऑपरेशन की क्षमता रखेगा।
तकनीकी विशेषताएं:
- F/A-XX बिना हवा में तेल भरे 2,945 किलोमीटर तक हमला कर सकेगा।
- हवा में ईंधन भरने पर इसकी रेंज असीमित होगी।
- इसे ड्रोन के साथ जोड़ा जा सकेगा, जिससे संचालन क्षमता और बढ़ जाएगी।
क्यों जरूरी है यह जेट:
- वर्तमान F/A-18E/F सुपर हार्नेट की तुलना में F/A-XX हर लिहाज से बेहतर होगा।
- यह फाइटर जेट चीन के तेजी से बढ़ते J-20 और J-35 बेड़े के लिए सटीक जवाब है।
- अमेरिकी नौसेना प्रशांत महासागर में अपनी प्रभुता बनाए रखने के लिए इस जेट पर भरोसा कर रही है।
सैन्य और भू–राजनीतिक महत्व:
- अमेरिका जापान से लेकर फिलीपींस तक अपने एयर और नौसैनिक बलों को मजबूत कर रहा है।
- F/A-XX प्रोग्राम लंबे समय से लंबित था, लेकिन अब अमेरिकी सीनेट ने इसे शीघ्र शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
- यह जेट अमेरिकी सुपर एयरक्राफ्ट कैरियर्स की प्रासंगिकता बनाए रखने में महत्वपूर्ण साबित होगा।