
नई दिल्ली: अमेरिका ने भारतीय सामान पर 50% टैरिफ लगाया है, जिससे भारतीय निर्यात प्रभावित हुआ है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ ट्रेड डील के संकेत दिए हैं। भारत सरकार अब निर्यात बढ़ाने के लिए नए देशों और बाजारों पर जोर दे रही है।
प्रधानमंत्रालय से सख्त संदेश
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और वाणिज्य विभाग ने भारतीय वाणिज्य दूतावासों को संदेश दिया है: “हर एक देश जरूरी होता है“। इसका मकसद भारत के निर्यात में विविधता लाना और अमेरिकी टैरिफ से हुए नुकसान की भरपाई करना है। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव शक्तिकांत दास ने वाणिज्य विभाग और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की हैं।
नए दिशा–निर्देश
- दूतावासों को निर्यात बढ़ाने को प्राथमिकता देने का निर्देश।
- 20 देशों और 6 उत्पाद श्रेणियों पर पहले से चल रही रणनीति को विस्तार।
- छोटे देशों से भी निर्यात बढ़ाने पर जोर, जिससे कुल निर्यात में वृद्धि हो।
- हर मिशन को व्यापक रणनीति के तहत ई-कॉमर्स, पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद, स्वदेशी और GI-टैग वाले प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देना।
ब्रांड इंडिया और मार्केट इंटेलिजेंस
सरकार ने ‘ब्रांड इंडिया’ को मजबूत करने पर भी जोर दिया है। मिशनों को ट्रेड इंटेलिजेंस और मार्केट रिसर्च में सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही बदलते नियम और गैर–टैरिफ बाधाओं की निगरानी करने और समय पर रिपोर्ट करने का भी निर्देश है।
लक्ष्य:
सरकार का मकसद है कि भारत अपने निर्यात को हर संभव बाजार में मजबूती से स्थापित करे। छोटे से छोटे देश को भी नजरअंदाज न करते हुए, हर अवसर का फायदा उठाया जाए। यह नीति भारत के आर्थिक विकास और ग्लोबल मार्केट में पैठ मजबूत करने के लिए अहम साबित होगी।