
नई दिल्ली: इस बार गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर देश के कई रंग देखने को मिलेंगे। टेराकोटा से ताम्र कला, गिर नृत्य से घोड़ा नाच, समुद्र समाधि से वॉटर मेट्रो, ऑपरेशन सिंदूर से वंदे मातरम तक, विभिन्न राज्यों की झांकियां अपनी संस्कृति और विरासत का प्रदर्शन करेंगी।
आज फुल ड्रेस रिहर्सल भी होगी। दिल्ली कैंट में ‘राष्ट्रीय रंगशाला कैंप’ में कलाकार और कारीगर इन झांकियों को परफेक्ट बनाने में जुटे हैं। तमिलनाडु की झांकी में हिस्सा लेने आई एमए स्टूडेंट राजलक्ष्मी कहती हैं कि 11 जनवरी से दिल्ली में आने के बाद हमें कई राज्यों की संस्कृति जानने और कलाकारों से दोस्ती करने का अवसर मिला।
राजस्थान की झांकी के डांसर विकास गहलोत बताते हैं कि उनकी 10 सदस्यीय टोली 16 जनवरी से रिहर्सल कर रही है। यह अनुभव बेहद कमाल का है और मैं पहली बार दिल्ली आया हूं।
इस बार Gen Z कलाकारों भी झांकियों में शामिल होंगे। संस्कृति मंत्रालय की झांकी ‘वंदे मातरम’ थीम पर होगी, जबकि शिक्षा मंत्रालय की झांकी में बच्चे वीआर हेडसेट, जादुई पिटारा, स्वदेशी खिलौने और रोबोटिक्स के साथ नजर आएंगे। केंद्रीय विद्यालय की छात्रा शुभांशी कहती हैं कि हम दो हफ्ते से सुबह-शाम प्रैक्टिस कर रहे हैं।
राज्य-विशेष झांकियां भी आकर्षण का केंद्र होंगी:
उत्तराखंड: पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल और रणसिंघा, तांबे की मूर्तियां।
जम्मू-कश्मीर: फोक डांस और सांस्कृतिक परंपराएं।
लद्दख: नोमेड कल्चर।
हिमाचल प्रदेश: वीरगाथाएं।
गुजरात: भारतीय ध्वज की विकास यात्रा।
झारखंड: दशम जलप्रपात, वन्यजीव और इको टूरिज़्म।
पुडुचेरी: इको विलेज और अरबिंदो आश्रम।
कुल मिलाकर 30 झांकियां और सैकड़ों कलाकार 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर देशवासियों को अपनी कला और संस्कृति का अद्भुत संगम पेश करेंगे।