
नई दिल्ली: किराड़ी की शर्मा कॉलोनी में गंदे पानी की समस्या को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) आमने-सामने आ गई हैं। मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
भाजपा नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि शर्मा कॉलोनी और बाहरी दिल्ली की 114 कॉलोनियों में लंबे समय से जलजमाव की समस्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि 11 साल तक सत्ता में रही AAP सरकार और उनके विधायक अनधिकृत कॉलोनियों की जमीन का व्यवसाय करते रहे। मंत्री के अनुसार, ऐसे इलाकों में विधायकों द्वारा जमीन औने-पौने दामों में खरीदी जाती थी और सीवर लाइन डालने के लिए सरकार से सीमित मंजूरी ली जाती थी। इसके बाद विकास की झूठी बातें करके लोग अधिक कीमत पर जमीन बेच देते थे।
मंत्री ने कहा कि शर्मा कॉलोनी लो-लाइंग एरिया में है, और आसपास के इलाकों का गंदा पानी भी यहीं जमा होता है। पिछले 10 साल में AAP ने इस समस्या को हल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। वहीं, दिल्ली सरकार अब 114 कॉलोनियों के लिए नई ड्रेन लाइन बिछा रही है। डी.डी.ए. और सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग मिलकर 220 करोड़ की लागत से ट्रंक ड्रेन और सप्लीमेंट्री ड्रेन का काम कर रहे हैं।
AAP ने भी पलटवार किया। प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि शर्मा कॉलोनी और आसपास के इलाके को जानबूझकर डुबोया गया। उनके अनुसार, BJP की DDA ने भलस्वा लैंडफिल साइट का कूड़ा कॉलोनी में डालकर जल निकासी को बाधित किया। भारद्वाज ने LG और CM से सवाल किया कि पानी की निकासी के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय AAP विधायक ने कई पत्रों के जरिए DDA को आगाह किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं, बुराड़ी विधायक संजीव झा ने कहा कि प्रवेश साहिब सिंह का दावा पूर्व AAP सरकार पर दोष डालने का एक प्रयास है और खराब हालात की जिम्मेदारी BJP को भी लेनी होगी।
इस विवाद से स्पष्ट है कि शर्मा कॉलोनी और किराड़ी विधानसभा क्षेत्र की जलनिकासी और बुनियादी ढांचे की समस्या अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नया कारण बन गई है।