
मथुरा। मथुरा साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गुरुवार को महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने खुद को सीबीआई और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर बुजुर्ग महिला से 2 करोड़ 4 लाख रुपये की ठगी की थी।
गोविंदनगर थाना क्षेत्र की एक महिला ने 23 दिसंबर को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि 4 नवंबर से उन्हें तीन अनजान नंबरों से कॉल आए, जिनमें आरोपियों ने खुद को सीबीआई और क्राइम ब्रांच का अफसर बताकर मनी लॉन्ड्रिंग का हवाला दिया और महिला को डिजिटल अरेस्ट कर डराया-धमकाया। इसके बाद आरोपियों ने महिला से 2.04 करोड़ रुपये की राशि ठग ली।
गिरफ्तार और बरामद सामग्री
गुरुवार दोपहर मथुरा साइबर थाना की टीम ने प्रभारी निरीक्षक रफत मजीद के नेतृत्व में आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान के सूरपुरा गांव निवासी रमेश उर्फ राम बिश्नोई, आगरा निवासी राहुल मंगलानी, लक्ष्य अग्रवाल और पुनीत सोलंकी शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 मोबाइल फोन, 9 सिम कार्ड, 9 एटीएम कार्ड, 3 पैन कार्ड, 2 आधार कार्ड और 11 बैंक खातों के विवरण बरामद किए। इसके अलावा 46 लाख रुपये पुलिस ने होल्ड करा लिए हैं।
घटना का खुलासा
एसपी क्राइम अवनीश मिश्रा ने बताया कि पूछताछ में आरोपी अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार कर चुके हैं। गैंग लीडर एमडी बिश्नोई के नेतृत्व में आरोपियों ने हांगकांग के नंबर से कॉल कर महिला को डिजिटल अरेस्ट कर लिया और उसे धमकाया।
पीड़िता की शिकायत के बाद एसएसपी श्लोक कुमार ने साइबर थाना टीम गठित की थी। तकनीकी सहायता से टीम ने पूरे मामले का खुलासा किया। टीम में प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम रफत मजीद, निरीक्षक मोहित तोमर, दरोगा राजकुमार पवार, शरद त्यागी, जितेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल देवेंद्र कुमार, अनूप कुमार, विजय सिंह, अनामिका और टेक्निकल कांस्टेबल अर्जुन सिंह, विवेक कुमार, गोविंद सिंह शामिल थे।