
नई दिल्ली: आम तौर पर इम्पलॉयी स्टॉक ऑप्शन प्लान (ESOP) केवल मिडिल और सीनियर मैनेजमेंट के लिए होता है। लेकिन वेदांता लिमिटेड ने इस परंपरा को बदलते हुए शॉप फ्लोर पर काम करने वाले छोटे कर्मचारियों को भी कंपनी का शेयरहोल्डर बनाया है। कंपनी ने पिछले पांच वर्षों में कर्मचारियों को करीब 2,500 करोड़ शेयर मात्र एक रुपये में दिए हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक लाभ हुआ है।
कर्मचारियों के लिए विशेष लाभ
अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली कंपनी ने नए ESOP 2025 प्लान के तहत 5,000 कर्मचारियों को 500 करोड़ शेयर दिए। इनमें नए ग्रेजुएट से लेकर अनुभवी स्टाफ शामिल हैं। इस योजना के तहत करीब 1,200 कर्मचारी पहली बार कंपनी के शेयरधारक बने। पिछले साल 2024 में भी 5,000 से अधिक कर्मचारियों को 469 करोड़ शेयर दिए गए थे।
एक रुपया में 675 रुपये का शेयर
बीएसई में आज वेदांता का शेयर लगभग 675 रुपये पर ट्रेड हो रहा है, लेकिन कर्मचारियों को यह सिर्फ एक रुपये में दिया गया। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को अब तक करीब 300 करोड़ रुपये का फायदा हो चुका है।
अन्य कंपनियों से अलग है तरीका
वेदांता का ESOP बाकी कंपनियों से अलग है। यहां करीब 40% छोटे कर्मचारी शामिल हैं। प्लांट और शॉप फ्लोर पर काम करने वाले कर्मचारी, विभिन्न विभागों के स्टाफ और नए ग्रेजुएट तक इस योजना का हिस्सा बनते हैं। नए कर्मचारियों को उनकी फिक्स्ड सैलरी का 30% तक शेयर मिल सकता है।
वेदांता की परंपरा
कंपनी पिछले 20 वर्षों से ESOP योजना चला रही है। इस पहल से न केवल कर्मचारियों को आर्थिक लाभ हुआ है, बल्कि उन्हें यह एहसास भी हुआ है कि वे कंपनी के हिस्सेदार और मालिक हैं। इस कदम से भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कर्मचारी सैलरी और इंसेंटिव देने के तरीके बदलते नजर आ रहे हैं।