
मुंबई (सुजीत उपाध्याय): महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में बीजेपी को शानदार सफलता मिली है, जबकि शिवसेना ने भी ठाणे जिले में अच्छा प्रदर्शन किया है। ठाणे, कल्याण-डोंबिवली और उल्हासनगर नगर निगमों में बीजेपी और शिवसेना के महायुति गठबंधन को बहुमत हासिल हुआ है, लेकिन मेयर पद को लेकर दोनों पार्टियों के बीच खींचतान जारी है।
अजमेर के इन तीन नगर निगमों में महायुति को सबसे ज्यादा सीटें मिली हैं, लेकिन मेयर पद को लेकर BJP और शिवसेना के बीच चल रही रस्साकशी अब एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है। विशेषकर कल्याण-डोंबिवली में, जहां बीजेपी और शिवसेना दोनों ही मेयर पद पर दावा कर रहे हैं।
क्यों चल रही है खींचतान?
कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में मेयर पद को लेकर दोनों पार्टियों के बीच आपसी खींचतान चल रही है, जबकि उल्हासनगर नगर निगम में बीजेपी और शिवसेना के बीच जीत का अंतर एकल अंकों में है। लेकिन यहां सांसद श्रीकांत शिंदे ने वंचित बहुजन अघाड़ी के साथ गठबंधन कर बहुमत हासिल किया है। इसी तरह, कल्याण में भी शिवसेना ने मनसे के 5 पार्षदों का समर्थन हासिल किया है, जिससे एकनाथ शिंदे की शिवसेना बहुमत के करीब पहुंच गई है।
यह तय माना जा रहा है कि कल्याण-डोंबिवली और उल्हासनगर में मेयर पद पर शिवसेना का दावा होगा। वहीं, ठाणे नगर निगम में भी शिंदे की शिवसेना मेयर पद पर दावा कर सकती है।
सीएम फडणवीस के लौटने के बाद होगा फैसला
बीजेपी का कहना है कि तीनों नगर निगमों में महायुति का मेयर होगा। मेयर पद पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस से लौटने के बाद लिया जाएगा। रवींद्र चव्हाण ने इस मुद्दे पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के साथ विस्तृत चर्चा की है।
तीनों नगर निगमों में महायुति को बहुमत मिलने के बाद रवींद्र चव्हाण ने पुष्टि की कि इन तीनों नगर पालिकाओं में महायुति की सरकार बनेगी।