
नई दिल्ली।
न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सरजमीं पर पहली बार वनडे सीरीज गंवाने के बाद भारतीय क्रिकेट में बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। लंबे समय से टीम इंडिया के भरोसेमंद ऑलराउंडर रहे रवींद्र जडेजा की खराब फॉर्म पर अब गंभीर बहस शुरू हो चुकी है। लगातार फ्लॉप प्रदर्शन के बाद उनकी जगह अक्षर पटेल को वनडे टीम में स्थायी मौका देने की मांग तेज हो गई है। ऐसे में दोनों खिलाड़ियों के आंकड़ों की तुलना करना लाज़मी हो जाता है। आइए, 5 अहम बिंदुओं में समझते हैं कि वनडे क्रिकेट में फिलहाल पलड़ा किसके पक्ष में झुकता दिख रहा है।
1. वनडे करियर का ओवरऑल रिकॉर्ड
रवींद्र जडेजा अनुभव के मामले में अक्षर पटेल से काफी आगे हैं। जडेजा ने अब तक 210 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें 142 पारियों में 32.27 की औसत से 2905 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में उन्होंने 36.54 के औसत से 232 विकेट झटके हैं और दो बार पारी में पांच विकेट भी लिए हैं।
वहीं अक्षर पटेल ने 71 वनडे मैचों की 49 पारियों में 23.18 की औसत से 858 रन बनाए हैं और गेंदबाजी में 32.81 के औसत से 75 विकेट लिए हैं।
निष्कर्ष: ओवरऑल आंकड़ों में अनुभव और निरंतरता के कारण जडेजा को बढ़त हासिल है।
2. पिछले एक साल में बल्ले से अक्षर आगे
हालिया फॉर्म की बात करें तो तस्वीर बदलती नजर आती है। साल 2025 में अक्षर पटेल ने 11 वनडे मैचों में 290 रन बनाए, जबकि जडेजा 10 मैचों में सिर्फ 106 रन ही बना सके। मौजूदा साल की इकलौती वनडे सीरीज में जडेजा ने 3 मैचों में मात्र 43 रन बनाए।
गेंदबाजी में भी दोनों के आंकड़े लगभग बराबर रहे, लेकिन बल्लेबाजी में अक्षर का प्रदर्शन जडेजा से बेहतर रहा है।
3. टी20 क्रिकेट में अक्षर का दबदबा
टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद रवींद्र जडेजा के टी20 क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अक्षर पटेल को इस फॉर्मेट में स्थायी जगह मिली।
साल 2024 में जहां जडेजा ने 8 टी20 मैचों में सिर्फ 35 रन और 1 विकेट लिया, वहीं अक्षर ने 16 मैचों में 137 रन और 20 विकेट चटकाए। 2025 में भी अक्षर ने 19 मैचों में 183 रन और 17 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की।
संदेश साफ है: छोटे फॉर्मेट में अक्षर ने जडेजा की कमी को पूरी तरह भर दिया है।
4. वनडे में जडेजा की गहराती आउट ऑफ फॉर्म कहानी
चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से जडेजा का वनडे फॉर्म लगातार गिरता गया है। साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ 6 वनडे मैचों में उन्होंने 48 ओवर गेंदबाजी कर सिर्फ 1 विकेट लिया।
बल्लेबाजी में भी उनका स्ट्राइक रेट और औसत निराशाजनक रहा है। नवंबर 2025 से खेले गए 6 वनडे मैचों में 288 गेंद फेंककर सिर्फ 1 विकेट लेना किसी भी सीनियर स्पिन ऑलराउंडर के लिए चिंता का विषय है।
5. अक्षर पटेल को मिल चुकी है लीडरशिप की जिम्मेदारी
टीम मैनेजमेंट अब भविष्य की ओर देखता नजर आ रहा है। अक्षर पटेल को टी20 इंटरनेशनल में उपकप्तान बनाया जा चुका है।
2023 वर्ल्ड कप के बाद से अक्षर ने 15 पारियों में 377 रन और 16 विकेट लेकर खुद को भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया है। उपकप्तानी की जिम्मेदारी मिलना इस बात का संकेत है कि टीम प्रबंधन उन्हें लंबे समय के विकल्प के रूप में देख रहा है।
निष्कर्ष
आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि अनुभव और करियर रिकॉर्ड में रवींद्र जडेजा अब भी आगे हैं, लेकिन मौजूदा फॉर्म, फिटनेस और भविष्य की रणनीति के लिहाज से अक्षर पटेल तेजी से मजबूत दावेदार बनते जा रहे हैं।
यदि जडेजा की खराब फॉर्म जारी रहती है, तो आने वाले समय में वनडे क्रिकेट में अक्षर पटेल का स्थायी विकल्प के रूप में उभरना कोई हैरानी की बात नहीं होगी। अब फैसला चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के हाथ में है।