
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद में पुलिस ने नकली कफ सिरप बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। घुंघचाई थाना पुलिस ने इस कार्रवाई में पूर्व कंपाउंडर सुरेश कुमार (41 वर्ष) को गिरफ्तार किया, जिसने यूट्यूब से सीखकर घर में ही अवैध कारोबार शुरू किया था।
पुलिस ने मौके से 375 शीशियां नकली कफ सिरप, 488 खाली शीशियां, 1,939 ढक्कन, 110 रैपर, गैस सिलेंडर, और लेमिनेशन मशीन बरामद की है। सुरेश कुमार पहले पीलीभीत के एक अस्पताल में कंपाउंडर के पद पर कार्यरत था और थाना पूरनपुर क्षेत्र के ग्राम लाह का निवासी है।
गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने लगभग दो साल पहले यूट्यूब के जरिए नकली कफ सिरप बनाने की विधि सीखी। इसके बाद घर में ही फैक्ट्री स्थापित कर अवैध कारोबार शुरू कर दिया। आरोपी स्प्रिट, ऑरेंज फ्लेवर, डीएक्स सिरप और चीनी की चाशनी मिलाकर नकली सिरप तैयार करता था।
सुरेश कुमार ने बताया कि वह बरेली से खाली शीशियां मंगवाता और लेमिनेशन मशीन से असली जैसी पैकिंग कर 10 शीशियों को केवल 75–80 रुपये की लागत में तैयार करता था, जिसे 600 से 800 रुपये में नशेड़ियों और मेडिकल स्टोरों को बेचता था। उसने स्वीकार किया कि नकली सिरप पूरनपुर के साई मेडिकल स्टोर, गिरिराज मेडिकल स्टोर और उमापति मंडल नामक व्यक्ति को सप्लाई किया जाता था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की गंभीर धाराओं और ट्रेड मार्क एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। साथ ही, मेडिकल स्टोर संचालकों की भूमिका की गहन जांच जारी है।
अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने आमजन से अपील की है कि दवा खरीदते समय हमेशा बारकोड और पर्ची की जांच करें, दवा की विश्वसनीयता सुनिश्चित करें और बिना पक्के बिल के कोई भी दवा न खरीदें। उन्होंने मेडिकल स्टोर संचालकों को चेतावनी दी कि नकली दवाओं के कारोबार में संलिप्त पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और नकली दवाओं के खिलाफ पुलिस की सतत निगरानी का परिणाम है।