
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने अपने सभी आईटीआई (इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट) को हाईटेक और इंडस्ट्री-रेडी बनाने की योजना बनाई है। यह पहल ‘प्रधानमंत्री सेतु (SETU)’ स्कीम के तहत की जा रही है। इसके लिए डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेनिंग एंड टैक्निकल एजुकेशन (DTTE) ने इंडस्ट्री, पब्लिक वेंचर और स्किल डेवलपमेंट संस्थाओं से 16 फरवरी तक एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित किए हैं।
इस योजना के तहत 2030 तक कम से कम पांच आईटीआई को मॉडर्न और रोजगार-केंद्रित इंस्टिट्यूट में बदलने का लक्ष्य रखा गया है। सभी आईटीआई को इंडस्ट्री पार्टनरशिप, आधुनिक मशीनरी, स्मार्ट ट्रेनिंग सुविधाएं और हाईटेक/डिजिटल लैब्स से लैस किया जाएगा।
आईटीआई में क्या बदलाव होंगे?
- पुराने कोर्स और ट्रेनिंग मॉड्यूल को अपडेट किया जाएगा।
- नए रोजगार केंद्रित शॉर्ट-टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे।
- आईटीआई ट्रेनर्स को नई तकनीकों और इंडस्ट्री एक्सपोजर में ट्रेनिंग दी जाएगी।
- प्लेसमेंट और इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स को मजबूत किया जाएगा, ताकि छात्र कैंपस से निकलते ही नौकरी पा सकें।
‘हब–एंड–स्पोक मॉडल’
स्कीम के तहत कुछ आईटीआई को हब बनाया जाएगा और आस-पास के आईटीआई को स्पोक से जोड़ा जाएगा। हब आईटीआई का अपग्रेडेशन लगभग 81 करोड़ रुपये का होगा, जिसमें 40 करोड़ केंद्र सरकार, 30 करोड़ राज्य सरकार और शेष इंडस्ट्री/अन्य स्रोतों से आएंगे। एक स्पोक आईटीआई को अपग्रेड करने में औसतन 40 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
पीएम सेतु की दो प्रमुख कंपोनेंट:
- कंपोनेंट 1: आईटीआई को इंडस्ट्री-रेडी, मॉडर्न और भविष्य के अनुरूप बनाना। इसके तहत इंडस्ट्री ट्रेनिंग प्रोग्राम डिजाइन, गेस्ट फैकल्टी, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और अप्रेंटिसशिप पर काम किया जाएगा।
- कंपोनेंट 2: देश के 5 नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (NSTI) को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करना।
इस पहल से दिल्ली के आईटीआई छात्रों को आधुनिक स्किल्स के साथ रोजगार पाने का बेहतर अवसर मिलेगा। यह योजना इंडस्ट्री और शिक्षा के बीच मजबूत साझेदारी स्थापित करने में भी सहायक होगी।