
नई दिल्ली: दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप ग्रीनलैंड आज केवल अपनी बर्फीली जमीन की वजह से ही नहीं, बल्कि यहां छिपे प्राकृतिक संसाधनों और भू-राजनीतिक महत्व की वजह से भी चर्चा में है। अमेरिका ने इसे खरीदने की इच्छा जताई है, वहीं चीन और रूस भी इस पर नजर बनाए हुए हैं। आइए जानते हैं 10 फैक्ट्स, जिनकी वजह से ग्रीनलैंड दुनियाभर की निगाहों में है।
- ग्रीनलैंड कहां स्थित है?
ग्रीनलैंड यूरोपीय देश डेनमार्क का हिस्सा है। यह आर्कटिक और अटलांटिक महासागर के बीच स्थित है। भौगोलिक रूप से यह उत्तर अमेरिका का हिस्सा है, लेकिन यूरोप से इसकी ज्यादा करीबी है। राजधानी नुक है। - दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप
करीब 21.50 लाख स्क्वायर किलोमीटर में फैला ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है। अगर यह स्वतंत्र देश होता, तो यह दुनिया का 12वां सबसे बड़ा राष्ट्र माना जाता। - कम आबादी घनत्व
ग्रीनलैंड में केवल 56 हजार लोग रहते हैं। यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 1 से भी कम लोग निवास करते हैं। इसे दुनिया की सबसे वीरान जगहों में से एक माना जाता है। - बर्फ की मोटी चादर
इस द्वीप की 80% जमीन बर्फ से ढकी है। कुछ क्षेत्रों में बर्फ की मोटाई 3500 मीटर तक है। - नाम का रहस्य
‘ग्रीनलैंड’ नाम वाइकिंग लोगों ने रखा था, ताकि लोग इसे हरा-भरा समझकर यहां बस जाएं। - सबसे साफ हवा और पानी
यहां दुनिया की सबसे साफ हवा और पानी पाया जाता है। प्रदूषण बेहद कम है, और ग्रीनलैंड में दुनिया का 10% पीने योग्य पानी मौजूद है। - खनिज और ऊर्जा संसाधन
बर्फ के नीचे भारी मात्रा में तेल, गैस और दुर्लभ खनिज जैसे लीथियम, सोना, तांबा, ग्रेफाइट, टंगस्टन आदि हैं। - तेल–खनिज की वैल्यू
34 खनिजों में से 24 को ग्रीन एनर्जी के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां मौजूद संसाधनों की कुल कीमत ट्रिलियन डॉलर तक आंकी जा रही है। - अमेरिका की रुचि
अमेरिका यहां राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक लाभ और व्यापार मार्ग के कारण निगाह रखे हुए है। आर्कटिक में रूस और चीन की गतिविधियों को रोकने और तेल-खनिज का लाभ उठाने के लिए अमेरिका ग्रीनलैंड में बेस बनाने की योजना बना रहा है। - बाकी देशों के लिए महत्व
डेनमार्क इसे खोना नहीं चाहता। यूरोप के लिए यह भू-राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण है। चीन और रूस भी इसे अपने हितों के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं।
ग्रीनलैंड का भू-राजनीतिक और आर्थिक महत्व भविष्य में और बढ़ने की संभावना है। इसके प्राकृतिक संसाधनों और रणनीतिक स्थिति के कारण अब पूरी दुनिया की नजरें इस बर्फीले द्वीप पर टिकी हैं।