
नई दिल्ली: भारत में मोबाइल कॉलिंग और डेटा उपयोग जल्द ही और महंगा हो सकता है। जियो, एयरटेल और वीआई जैसी टेलीकॉम कंपनियां अपने रिचार्ज प्लान में जून 2026 तक लगभग 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकती हैं। कंपनियों का कहना है कि 5G नेटवर्क के बढ़ते खर्च और प्रति यूजर कमाई (ARPU) कम होने के कारण यह कदम जरूरी हो गया है।
क्या हो सकती है कीमतों में बढ़ोतरी?
टेलीकॉम कंपनियों की योजना के अनुसार, अब हर दो महीने में रिचार्ज प्लान की कीमतों में बढ़ोतरी होना आम बात हो गई है। इस बदलाव से सामान्य यूजर्स के मोबाइल खर्च में भारी इजाफा होगा। सोशल मीडिया पर लोग इस खबर से काफी नाराज़ हैं। कई लोगों ने लिखा कि अब मोबाइल डेटा आटा, चावल और सोने की तरह महंगा होता जा रहा है।
क्यों बढ़ रहे हैं रिचार्ज की कीमतें?
पहले टेलीकॉम कंपनियों ने फ्री या सस्ते डेटा ऑफर देकर भारत में 1.1 अरब से अधिक मोबाइल यूजर्स को आकर्षित किया। लेकिन अब, जब मोबाइल इंटरनेट लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, कंपनियां मुनाफा बढ़ाने के लिए कीमतें बढ़ा रही हैं।
कंपनियों का कहना है कि 5G नेटवर्क की लागत बहुत अधिक है और प्रति यूजर कमाई कम होने के कारण टैरिफ बढ़ाना उनकी मजबूरी है। जियो, एयरटेल और वीआई अपनी-अपनी रणनीति के अनुसार नए दाम तय कर रही हैं।
ग्राहकों पर असर और सरकारी कदम
अचानक 15 प्रतिशत टैरिफ बढ़ाना आम लोगों के लिए कठिन साबित हो सकता है। इस कारण TRAI जैसी सरकारी संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है कि वे कीमतों में संतुलन बनाए रखें और ग्राहकों के हितों की रक्षा करें। यदि रिचार्ज प्लान की कीमतें इसी तरह बढ़ती रही, तो भविष्य में कई लोग फिर लैंडलाइन फोन या कम डेटा वाले विकल्पों की ओर लौट सकते हैं।
अभी तक, टेलीकॉम कंपनियों ने कीमत बढ़ाने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।