
नई दिल्ली, 21 जनवरी 2026 – दिल्ली राज्य उपभोक्ता आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सेवा का इस्तेमाल करने वाला ग्राहक उसके लिए बिल का भुगतान करना ही होगा, भले ही उसका बिल क्रेडिट लिमिट से अधिक क्यों न हो। आयोग ने कहा कि अतिरिक्त शुल्क लेना या क्रेडिट लिमिट पार होने पर सेवाओं का चार्ज करना ‘सेवा में कमी’ नहीं माना जाएगा।
यह स्पष्टता राज्य आयोग ने उस अपील पर दी, जिसमें एक जिला उपभोक्ता आयोग के फैसले के खिलाफ वकील ने चुनौती दी थी। शिकायतकर्ता ने भारती एयरटेल पर आरोप लगाया था कि बिना बिल डिटेल्स दिए उसे 1,40,100 रुपये का भुगतान करने के लिए कहा गया और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गईं। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि यह ‘सेवा में कमी’ के बराबर है।
आयोग की बेंच, जिसमें अध्यक्ष जस्टिस संगीता ढींगड़ा सहगल और न्यायिक सदस्य पिंकी शामिल थीं, ने 19 जनवरी को वकील सिद्धार्थ दत्ता की अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही जिला आयोग का 24 अप्रैल 2019 का फैसला बरकरार रखा गया।
एयरटेल ने तर्क दिया कि क्रेडिट लिमिट केवल महीने के उपयोग का संकेत है। यदि ग्राहक ने लिमिट से अधिक सेवाओं का उपयोग किया, तो उसे अतिरिक्त उपयोग के लिए भुगतान करना आवश्यक है। जिला आयोग ने भी कहा कि शिकायतकर्ता ने इंटरनेशनल रोमिंग जैसी सेवाओं का स्वयं अनुरोध किया था और उनका उपयोग किया, इसलिए उसका भुगतान करना आवश्यक है।