
भदोही। योगी सरकार में पूर्व विधायक विजय मिश्रा की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब उनके बेहद करीबी पारिवारिक सदस्य, भतीजे आशीष मिश्रा के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। भदोही पुलिस ने आशीष मिश्रा के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों के जरिए जन्मतिथि में हेरफेर कर दो शस्त्र लाइसेंस हासिल करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, आशीष मिश्रा, पुत्र रामजी मिश्रा, निवासी 14ए/1/32 बाघम्बरी हाउसिंग स्कीम, अल्लापुर, प्रयागराज, थाना गोपीगंज के क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाया गया है। पुलिस का दावा है कि वह “जालसाज किस्म का आपराधिक व्यक्ति” है, जिसने अपनी वास्तविक उम्र छिपाने के लिए फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए। इन दस्तावेजों के आधार पर उसने जन्मतिथि में हेरफेर कर शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत करवा लिए।
जांच में यह भी सामने आया कि आशीष मिश्रा के शैक्षिक अभिलेखों और विभिन्न प्रमाण पत्रों में अंकित जन्मतिथि वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाती। पुलिस का कहना है कि अभियुक्त ने योजनाबद्ध तरीके से दस्तावेजों के माध्यम से प्रशासन को गुमराह किया और नियमों को दरकिनार करते हुए दो-दो शस्त्र लाइसेंस हासिल किए। यह मामला केवल दस्तावेजी जालसाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रश्न भी खड़ा करता है।
पुलिस अधिकारी बता रहे हैं कि मामले की गहन जांच जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि शस्त्र लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में कहीं अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध तो नहीं रही।
पूर्व विधायक विजय मिश्रा पहले से ही कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। उनके भतीजे पर दर्ज यह नया मुकदमा राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।