Tuesday, January 20

खाटूश्यामजी फाल्गुन मेला 2026: दर्शन व्यवस्था में बड़े बदलाव, 21 फरवरी से केवल आठ दिन का आयोजन संभव

 

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सीकर: शेखावाटी के प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में होने वाले फाल्गुन मेले को लेकर प्रशासन और मेला समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हर वर्ष फरवरी में आयोजित होने वाला यह विशाल धार्मिक आयोजन इस बार कुछ महत्वपूर्ण बदलावों के साथ संपन्न होगा।

 

मेला अवधि घटाने पर विचार

परंपरागत रूप से मेला 12 दिन तक चलता रहा है, लेकिन इस बार इसकी अवधि घटाकर आठ दिन करने पर विचार किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, मेले के शुरुआती चार दिनों में प्रतिदिन 80 हजार से 1.30 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जबकि बाकी आठ दिनों में लगभग 20 लाख भक्त मेला स्थल पर पहुंचते हैं। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर फाल्गुन मेला 21 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा।

 

स्थानीय लोगों और प्रशासन की चुनौतियां

लंबी अवधि तक मेला चलने के कारण खाटू कस्बे में व्यापक बैरिकेडिंग करनी पड़ती है, जिससे स्थानीय निवासियों की आवाजाही प्रभावित होती है। इसके अलावा मेले के दौरान सीकर जिले की 60 प्रतिशत से अधिक पुलिस फोर्स तैनात रहती है और अन्य जिलों से भी सुरक्षा बल बुलाए जाते हैं। प्रशासनिक दबाव और स्थानीय असुविधाओं को देखते हुए इस बार मेला अवधि घटाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

 

इस बार मेले में होंगे पांच बड़े बदलाव

 

  1. तीन एग्जिट एरिया – दो की जगह तीन निकास मार्ग बनाए जाएंगे, जिससे भीड़ का दबाव कम होगा।
  2. 75 फीट ग्राउंड पर फुट ओवरब्रिज – दर्शन लाइनों के ऊपर से आने-जाने के लिए नया ओवरब्रिज बनाया जाएगा।
  3. रियल टाइम CCTV निगरानी – मंडा और रींगस मार्ग पर CCTV लगाकर भीड़ की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी।
  4. ऊंची बैरिकेडिंग – दर्शन मार्ग की बैरिकेडिंग की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी।
  5. नए पार्किंग स्पॉट – अधिक भीड़ के दौरान ट्रैफिक जाम से बचने के लिए नई पार्किंग व्यवस्था की जाएगी।

 

प्रशासन का उद्देश्य इस बार फाल्गुन मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाना है। हालांकि इन सभी बदलावों पर अंतिम निर्णय मंगलवार को आयोजित बैठक में लिया जाएगा।

 

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