Tuesday, January 20

ट्रंप की धमकी: फ्रांस की वाइन पर 200% टैरिफ, मैक्रों को बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए किया दबाव गाजा पीस बोर्ड में शामिल नहीं होने पर अमेरिका ने फ्रांस और कनाडा को चेताया

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा के पुनर्निर्माण और शांति पहल के लिए गठित बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर फ्रांस इस अमेरिकी पहल में शामिल नहीं होता, तो फ्रांसीसी वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा।

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ट्रंप के इस बयान ने अमेरिका और फ्रांस के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ा दिया है। गाजा पीस बोर्ड, अमेरिका के नेतृत्व में, इजरायल और हमास के बीच सीजफायर समझौते के दूसरे चरण का अहम हिस्सा है। इसमें भारत, पाकिस्तान समेत कई देश शामिल होने के लिए न्योता प्राप्त कर चुके हैं, लेकिन ज्यादातर देशों ने इसमें शामिल होने पर उत्साह नहीं दिखाया है।

फ्रांस और कनाडा का रुख:

  • फ्रांस ने अमेरिकी न्योते को स्वीकार करने का इरादा नहीं जताया।
  • कनाडा ने बोर्ड में शामिल होने के लिए पेमेंट नहीं करने का संकेत दिया, जबकि कनाडाई पीएम मार्क कार्नी ने हिस्सा लेने की संभावना जताई।

बोर्ड ऑफ पीस का ढांचा:

  • इसके स्थायी सदस्य बनने के लिए देशों को लगभग 1 अरब डॉलर (~9000 करोड़ रुपये) का योगदान देना होगा।
  • ट्रंप के नेतृत्व में इस बोर्ड में पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी शामिल हैं।

ट्रंप का संदेश:
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह व्यापारिक दबाव और टैरिफ के जरिए अन्य देशों को बोर्ड में शामिल होने के लिए मजबूर कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “मैं फ्रांसीसी वाइन और शैंपेन पर 200% टैरिफ लगा सकता हूँ, और यह उन्हें शामिल करवा देगा।”

विशेषज्ञों का कहना है कि यह अमेरिका की कूटनीतिक और आर्थिक धमकी की शैली का एक नया उदाहरण है, जिससे कई देशों के लिए बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होना मुश्किल हो सकता है।

 

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