
कोटा/दिल्ली-मुंबई रेल रूट: रविवार की रात अजमेर-जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस के एसी कोच (B-1) में यात्रियों की धड़कनें दो घंटे तक तेज रफ्तार इंजन से भी तेज दौड़ती रहीं। वजह थी अचानक कोच में एक ‘सांप’ दिखने की अफवाह।
कोच में मचा हड़कंप
सवाई माधोपुर से कोटा तक ट्रेन में सफर कर रहे मुसाफिरों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ यात्री अपनी सीटों से हटकर गलियारे में आ गए, जबकि कुछ डर के मारे दुबक गए। सूचना मिलने पर रेलवे प्रशासन ने सावधानी बरतते हुए कोटा जंक्शन पर स्नेक कैचर गोविंद शर्मा को तैनात किया।
स्नेक कैचर ने सुलझाया रहस्य
रात 9:30 बजे कोटा जंक्शन पर ट्रेन रुकते ही स्नेक कैचर ने जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब 20 मिनट की खोज के बाद हाथ में जो मिला, उसने सभी को हंसा दिया। वह कोई जहरीला सांप नहीं, बल्कि बच्चों का रबड़ का खिलौना था।
यात्री कृष्ण कुमार यादव का बेटा था जिम्मेदार
जांच में सामने आया कि यह खिलौना यात्री कृष्ण कुमार यादव के बेटे अजय का था, जो खेलते समय सीट के नीचे गिर गया था। किसी ने अंधेरे में इसे असली सांप समझ लिया और खबर फैलते ही कोच में अफरा-तफरी मच गई।
रेलवे प्रशासन ने दी राहत
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि पूरी तसल्ली और क्लीयरेंस के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया। दो घंटे तक मुसाफिरों की धड़कनें तेज करने वाला ‘सांप’ असल में केवल एक खिलौना था। बच्चा और उसके माता-पिता राहत की सांस लेने लगे, और बाकी यात्री ठहाके लगाकर हंसी में शामिल हुए।