Tuesday, January 20

डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच डेनमार्क ने ग्रीनलैंड में बढ़ाई सेना आर्मी चीफ के नेतृत्व में तैनाती, नाटो से सहयोग का किया अनुरोध

नुक/कॉपेनहेगन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को अमेरिकी नियंत्रण में लेने की धमकियों के बीच डेनमार्क ने अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है। रॉयल डेनिश आर्मी के चीफ पीटर बॉयसेन के नेतृत्व में सैनिकों की नई टुकड़ी सोमवार को ग्रीनलैंड के पश्चिमी हिस्से में कंगेरलुस्सुअक एयरपोर्ट पर उतरी।

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डेनमार्क ने बीते कुछ दिनों में आर्कटिक द्वीप पर अपनी सैन्य मौजूदगी लगातार बढ़ाई है। पहले से ग्रीनलैंड की राजधानी नुक और कंगेरलुस्सुअक में 100 सैनिक तैनात हैं। नई टुकड़ी आर्कटिक एंड्योरेंस ट्रेनिंग एक्सरसाइज में भाग लेगी। डेनमार्क के मेजर जनरल सोरेन एंडरसन ने कहा कि यह एक लॉन्ग-टर्म मिशन है और सैनिकों की तैनाती 1–2 साल तक जारी रहेगी।

डेनमार्क सरकार ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा के लिए नाटो मिशन का अनुरोध भी किया है। रक्षा मंत्री ट्रोल्स लुंड पॉलसेन ने ब्रसेल्स में नाटो प्रमुख मार्क रूट के साथ बैठक के बाद कहा कि अगर ग्रीनलैंड पर कोई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई होती है, तो यह नाटो गठबंधन के लिए गंभीर नतीजे ला सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है: डोनाल्ड ट्रंप की ओर से आक्रामक रुख अपनाने के बावजूद, डेनमार्क, ग्रीनलैंड और यूरोप के नेता लगातार अमेरिका को संयम बरतने की चेतावनी दे रहे हैं। ग्रीनलैंड 57,000 की आबादी वाला क्षेत्र है, जिसकी रक्षा और विदेश नीति डेनमार्क के नियंत्रण में है।

इस कदम से अमेरिका और यूरोप के बीच संबंध दशकों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकते हैं और आर्कटिक क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है।

 

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