
भोपाल (एमपी): मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद कानूनी और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के मामले में कोर्ट ने कहा कि माफी मांगने का समय अब बहुत आगे निकल चुका है।
मोहन सरकार में हलचल तेज
सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बीजेपी आलाकमान डैमेज कंट्रोल के लिए विजय शाह से इस्तीफा मांग सकता है, या मंत्री स्वयं स्वास्थ्य या अन्य कारणों का हवाला देकर पद छोड़ सकते हैं। सियासी गलियारों में चर्चा है कि अगर पार्टी ने जल्द कदम नहीं उठाया, तो अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट उन्हें पद से हटाने का निर्देश दे सकती है।
सुप्रीम कोर्ट का अल्टीमेटम
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एसआईटी (SIT) की रिपोर्ट के आधार पर मामले की आगे की कार्रवाई के संबंध में दो सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाए। अदालत ने कहा कि एसआईटी अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है और अब सरकार को बीएनएस 2023 की धारा 196 के तहत स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
डैमेज कंट्रोल के विकल्प
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, सेना की महिला अधिकारी के सम्मान से जुड़े इस संवेदनशील मामले में कोर्ट की नाराजगी सरकार की छवि को प्रभावित कर रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री कैबिनेट फेरबदल या मंत्री को बाहर का रास्ता दिखाने का विकल्प खेल सकते हैं।
मामले का इतिहास
विजय शाह ने कर्नल सोफिया के संबंध में विवादित बयान दिया था। शुरुआत में पार्टी और सरकार ने उनसे दूरी बनाई थी, जिसके बाद मंत्री ने माफी मांगी और मामला कुछ समय तक ठंडा पड़ा। हाल ही में वे कैबिनेट मीटिंग में दिखने लगे थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी ने उनकी मुश्किलें फिर बढ़ा दी हैं।