
पटना/दिल्ली।
बिहार की राजनीति के लिए आज का दिन ऐतिहासिक माना जा रहा है। पटना के बांकीपुर से विधायक और बिहार सरकार में पूर्व मंत्री रह चुके नितिन नबीन आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित शीर्ष नेतृत्व के समर्थन से उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। इसके साथ ही नितिन नबीन दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का नेतृत्व करने वाले बिहार के प्रमुख नेता बन जाएंगे।
दिल्ली में जुटेगा पूरा भाजपा नेतृत्व
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया के तहत आज दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में खास हलचल रहेगी। पार्टी के सभी मुख्यमंत्री, प्रदेश इकाइयों के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता इस मौके पर मौजूद रहेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए नितिन नबीन आज औपचारिक रूप से अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की प्रबल संभावना
पार्टी सूत्रों का कहना है कि नितिन नबीन का भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना जाना तय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत शीर्ष नेतृत्व की सहमति और समर्थन के चलते उनके खिलाफ किसी अन्य उम्मीदवार के मैदान में उतरने की संभावना बेहद कम है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव का कार्यक्रम
भाजपा के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार—
- नामांकन दाखिल करने का समय: सोमवार, दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक
- नामांकन पत्रों की जांच: 19 जनवरी को शाम 4 से 5 बजे के बीच
- नाम वापसी: उसी दिन शाम 5 से 6 बजे तक
- घोषणा: चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दिन नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा
यदि एक से अधिक उम्मीदवार सामने आते हैं तो आवश्यकता पड़ने पर 20 जनवरी को मतदान कराया जाएगा।
बीजेपी में ऐसे चुना जाता है राष्ट्रीय अध्यक्ष
भाजपा के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के निर्वाचित प्रतिनिधियों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है।
- किसी भी उम्मीदवार का नाम प्रस्तावित करने के लिए कम से कम 20 निर्वाचक सदस्यों का संयुक्त प्रस्ताव आवश्यक होता है।
- यह प्रस्ताव कम से कम पांच राज्यों से आना अनिवार्य है, जहां राष्ट्रीय परिषद के चुनाव पूरे हो चुके हों।
- उम्मीदवार को पार्टी का कम से कम चार कार्यकाल का सक्रिय सदस्य और 15 वर्ष की सदस्यता पूरी करनी होती है।
बिहार से दिल्ली तक सियासी सफर
पांच बार विधायक रह चुके नितिन नबीन का राजनीतिक सफर संगठन और सरकार—दोनों स्तरों पर मजबूत रहा है। बिहार सरकार में मंत्री पद संभालने के बाद अब उनके हाथ में राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की कमान आने जा रही है। इसे बिहार के लिए एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के साथ ही भाजपा संगठन में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है, जिसका असर आने वाले समय में देश की राजनीति पर भी साफ दिखाई देगा।