Saturday, January 17

ईरान में भारतीय मर्चेंट नेवी ऑफिसर अनिल सिंह को जेल, पत्नी-बेटे ने PM मोदी से लगाई रिहाई की गुहार

 

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प्रतापगढ़ (यूपी): भारतीय मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर अनिल कुमार सिंह को ईरान सरकार ने कच्चा तेल तस्करी के झूठे आरोप में जेल भेज दिया है। यूपी के प्रतापगढ़ में रहने वाले अनिल के परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन से तत्काल उनकी रिहाई की गुहार लगाई है।

 

शुक्रवार को अनिल की पत्नी गायत्री सिंह और बेटे ऋतुराज सिंह ने डीएम शिव सहाय अवस्थी से मुलाकात कर मदद मांगी। ऋतुराज ने नवभारत टाइम्स से बातचीत में बताया कि उनके पिता मर्चेंट नेवी में 2009 से सेवा दे रहे हैं। 8 दिसंबर, 2025 को दुबई से रवाना हुई शिप MT Valiant Roar को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने रोक लिया। शिप पर कुल 18 लोग सवार थे, जिनमें 16 भारतीय, 1 श्रीलंकाई और 1 बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे।

 

ईरानी अधिकारियों ने शिप को अपने कब्जे में लेकर बंदरगाह अब्बास ले गए। सभी क्रू मेंबर्स को एक महीने से अधिक समय तक जहाज पर ही रखा गया। 6 जनवरी, 2026 को 10 भारतीयों को जेल भेज दिया गया, जिनमें अनिल सिंह भी शामिल हैं। ईरान ने जहाज पर डीजल तस्करी का आरोप लगाया, जबकि परिवार का कहना है कि शिप में केवल केमिकल भरा हुआ था और कोई अवैध कार्य नहीं हो रहा था।

 

ऋतुराज ने बताया कि उन्होंने पिता से आखिरी बार 8 जनवरी को केवल दो मिनट के लिए बात की थी। इस दौरान अनिल ने केवल यह संदेश दिया कि उन्हें जेल भेज दिया गया है और परिवार बाहर से दबाव बनाए। ऋतुराज ने विदेश मंत्रालय और केंद्र सरकार को ऑनलाइन पत्र भेजकर पिता की रिहाई की मांग की है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला।

 

अनिल की पत्नी गायत्री सिंह ने बताया कि शिप पर सभी लोगों को एक महीने तक बंधक बनाकर रखा गया, जिसके बाद 10 भारतीय क्रू सदस्यों पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें जेल भेज दिया गया। गायत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि उनके पति और अन्य भारतीयों को सुरक्षित भारत लाने की व्यवस्था की जाए।

 

यह मामला भारतीय मर्चेंट नेवी के लिए गंभीर चुनौती बन गया है और परिवार-समाज में चिंता की लहर है।

 

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