Saturday, January 17

भारत ने ब्रिक्स नौसैनिक अभ्यास में भाग क्यों नहीं लिया? विदेश मंत्रालय ने दिया स्पष्ट जवाब

 

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ब्रिक्स देशों के हालिया नौसैनिक अभ्यास में भारत के न शामिल होने को लेकर उठ रही अटकलों पर विदेश मंत्रालय ने साफ़ जवाब दिया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि यह अभ्यास पूरी तरह से दक्षिण अफ्रीका की पहल थी और इसे ब्रिक्स की कोई नियमित या संस्थागत गतिविधि नहीं माना जा सकता।

 

जायसवाल ने कहा, “कुछ ब्रिक्स सदस्य देशों ने इसमें भाग लिया, लेकिन सभी सदस्य इसमें शामिल नहीं हुए। भारत ने पहले भी इस तरह के अभ्यास में भाग नहीं लिया है। भारत नियमित रूप से आईबीएसएएमआर (IBSAMAR) नौसैनिक अभ्यास का हिस्सा है, जिसमें भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाएं भाग लेती हैं। इसका पिछला संस्करण अक्टूबर 2024 में आयोजित किया गया था।”

 

ब्रिक्स समूह, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं, का गठन 16 जून 2009 को किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य विकासशील देशों के बीच आर्थिक सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देना और वैश्विक अर्थव्यवस्था में इन देशों की भूमिका को मजबूत करना है।

 

इस अभ्यास के संबंध में बताया गया कि दक्षिण अफ्रीका ने इसे वैश्विक समुद्री तनावों के जवाब में महत्वपूर्ण कदम बताया है। वहीं, भारत ने इस पहल से अलग रहते हुए अपनी नियमित नौसैनिक भागीदारी यानी आईबीएसएएमआर अभ्यास पर ध्यान केंद्रित किया। ब्राजील ने भी इस अभ्यास में भाग नहीं लिया।

 

विदेश मंत्रालय का यह स्पष्टिकरण भारत की नीति को स्पष्ट करता है और ब्रिक्स समूह में इसकी संतुलित भूमिका को रेखांकित करता है।

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