Monday, June 22

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पंचायत सचिव हनुमान की तरह काम करते हैं: सीएम मोहन यादव

 

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भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि पंचायत सचिव जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की धुरी हैं और उनकी भूमिका हनुमान के काम जैसी महत्वपूर्ण है। उन्होंने पंचायत सचिवों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष करने और 7वें वेतनमान के आदेश जारी करने की जानकारी दी।

 

भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि पंचायत सचिव न केवल योजनाओं को धरातल पर उतारते हैं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए पूरी जिम्मेदारी निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत सचिवों को विशेष भत्ते का लाभ मिलेगा और उनकी मृत्यु होने पर परिवार को दी जाने वाली डेढ़ लाख रुपए की आकस्मिक सहायता राशि अनुकंपा नियुक्ति के बाद वापस नहीं ली जाएगी।

 

सीएम ने कहा, “भारत की आत्मा गांवों में बसती है। अगर देश का विकास करना है तो गांवों को विकसित करें। हमारे गांव ही स्वावलंबी भारत की नींव हैं। राज्य सरकार पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से किसानों की समृद्धि और ग्रामीण विकास को गति प्रदान कर रही है। वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया गया है, जिसमें 16 विभागों की योजनाओं का लाभ सीधे पंचायत हितग्राहियों तक पहुंचेगा।”

 

मुख्यमंत्री ने पंचायत सचिवों की भूमिका को रामराज की कल्पना से जोड़ते हुए कहा, “प्रधानमंत्री आवास हो या आर्थिक सहायता, सभी जनकल्याणकारी कार्य पंचायत सचिव ही पूर्ण कराते हैं। वे सरकारी नीति-निर्णयों और योजनाओं को क्रियान्वित कर धरातल पर उतारते हैं। पंचायत सचिव पंचायती राज में हनुमान की तरह काम करते हैं।”

 

उन्होंने यह भी बताया कि पंचायत सचिवों को डिजिटल भारत के निर्माण के लिए तकनीकी संसाधनों से लैस किया जा रहा है। इसके अलावा पंचायत कार्यालय, अटल भवन और सामुदायिक भवनों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण से प्रशासकीय दक्षता में सुधार हो रहा है, जबकि सरपंचों को 25 लाख रुपए तक के कार्य करने का अधिकार और मानदेय में वृद्धि दी गई है।

 

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