
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चौपटिया इलाके से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। 55 वर्षीय सर्राफ मनोज अग्रवाल ने गुरुवार रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इसके पीछे चांदी की लगातार बढ़ती कीमतें और व्यापार में हुए नुकसान से उत्पन्न मानसिक दबाव बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मनोज अग्रवाल ने कई महीने पहले चांदी के आभूषणों के ऑर्डर ले लिए थे। अचानक चांदी के दामों में लगातार बढ़ोतरी से उन्हें पुराने दाम पर ऑर्डर पूरा करने में मुश्किल हो रही थी। इससे वह तनाव और अवसाद में थे। गुरुवार शाम करीब 9 बजे उनका शव घर के आंगन में लगे जाल पर साड़ी के सहारे फंदे से लटका मिला।
परिवार और पड़ोसियों ने बताया कि मनोज अग्रवाल चांदी के काम में माहिर थे और कई बड़े ऑर्डर लेते थे। पड़ोसी दुकानदारों ने बताया कि व्यापार में उतार-चढ़ाव से छोटे और मध्यम सर्राफा व्यापारी अक्सर परेशान रहते हैं। ऐसा ही तनाव मनोज अग्रवाल पर भी था, जिससे उन्होंने यह दुखद कदम उठाया।
इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी पत्नी नीलू गृहिणी हैं और दो बेटे हैं। बड़े बेटे स्कंद की नौकरी पुणे में है, जबकि छोटे बेटे छोटू ने पिता के साथ दुकान संभालते थे। अचानक पिता की मौत ने परिवार को झकझोर दिया।
सआदतगंज थाना के इंस्पेक्टर संतोष कुमार आर्य ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है और अभी तक परिवार ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।