

हरिद्वार/जोशीमठ: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र औली में स्थानीय व्यापारियों, खेल प्रेमियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सरकार की उपेक्षा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने सूखे पड़े स्की स्लोप पर उत्तराखंड सरकार का पुतला फूंका और नारेबाजी की।

कृत्रिम बर्फ व्यवस्था पर नाराजगी
स्थानीय लोगों ने कहा कि करोड़ों की लागत से लगाई गई आर्टिफिशियल स्नो मेकिंग मशीन इस साल काम नहीं कर रही है। प्राकृतिक बर्फबारी कम होने के कारण स्लोप सूखा पड़ा है और बर्फीले खेलों का आयोजन प्रभावित हो रहा है।
आइस स्केटिंग रिंग और उपकरण चोरी का खतरा
बीते तीन वर्षों में लाखों रुपए खर्च करके बनाई गई आइस स्केटिंग रिंग का संरक्षण नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि वहां लगे उपकरणों पर धीरे-धीरे चोरी का खतरा बढ़ गया है।
जोशीमठ–औली रोपवे बंद, पर्यटन प्रभावित
जोशीमठ से औली के लिए चलने वाला रोपवे पिछले तीन सालों से बंद है। जोशीमठ क्षेत्र में पड़ी दरारों के कारण इसका संचालन बंद है, जिससे औली पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या घट रही है और पर्यटन व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने रोपवे का नया सर्वे कर पुनः संचालन करने की मांग की।
सड़क और पार्किंग की समस्याएं
जोशीमठ-औली मार्ग अत्यंत संकरी होने के कारण पर्यटक वाहन अक्सर फंस जाते हैं। सड़क का चौड़ीकरण और डबल लेन निर्माण कई बार घोषणा के बावजूद नहीं हुआ। इसके अलावा औली में पार्किंग की समस्या भी पर्यटकों और कारोबारियों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है।
प्रदर्शन में कौन शामिल रहे
इस विरोध प्रदर्शन में राष्ट्रीय स्कीयर विवेक पवार, महेंद्र भुजवाण, अंशुमान बिष्ट, अतुल सती, वैभव सकलानी सहित कई पर्यटन कारोबारी और स्थानीय लोग शामिल रहे।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान करे, ताकि औली पर्यटन केंद्र अपने वैश्विक मानक और लोकप्रियता को बनाए रख सके।


