Tuesday, May 19

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10 दिन पहले आए 10 हजार रुपये ने कर दिया बड़ा ‘खेला’? विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के ताजा रुझानों में एनडीए बहुमत के आंकड़े से कहीं आगे निकलता दिखाई दे रहा है। शुरुआती रुझान बताते हैं कि एनडीए लगभग 170 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि महागठबंधन को करारा झटका लगा है।
इन परिणामों के बीच एक सवाल पूरे राजनीतिक माहौल में गूंज रहा है— क्या महिलाओं के खाते में डाले गए 10 हजार रुपये ने चुनाव का रुख बदल दिया? विपक्ष ने इसे लेकर वोट चोरी तक का आरोप लगाया है।

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जीविका योजना बनी जीत की ‘चाबी’?

बिहार सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
इस योजना के तहत—

  • महिलाओं को 10,000 रुपये का प्रारंभिक अनुदान,
  • इसके बाद 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता,
  • कृषि, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों की शुरुआत में सामुदायिक संसाधन समूहों की भूमिका।

इसी योजना को एनडीए की जीत का सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है।

नवरात्रि पर 75 लाख महिलाओं के खाते में पहुंचे 10,000 रुपये

सितंबर माह में नवरात्रि के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की शुरुआत की थी।

  • उन्होंने बताया था कि 75 लाख महिलाएं योजना से पहले ही जुड़ चुकी थीं।
  • और इन्हीं सभी महिलाओं के खातों में एक साथ 10,000 रुपये ट्रांसफर किए गए।

राजनीति के जानकारों का मानना है कि यही पैसा चुनाव में “निर्णायक कारक” साबित हुआ और इससे महिलाओं का झुकाव एनडीए की ओर तेजी से बढ़ा

रिकॉर्ड तोड़ मतदान और महिलाओं की बड़ी भूमिका

बिहार में इस बार मतदान ने सभी पिछले रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।

  • 2025 में कुल मतदान रहा 66.91%,
  • जबकि 2020 में यह सिर्फ 57.29% था।

बीबीसी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 70 साल में बिहार में केवल तीन बार ही मतदान 60% से ऊपर गया था, लेकिन इस बार महिलाओं ने इतिहास रच दिया।

महिलाओं ने पुरुषों से 10% ज्यादा किया मतदान

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार

  • महिलाओं का मतदान प्रतिशत 71.6%,
  • जबकि पुरुषों का 62.8% रहा।

यानी इस बार 4,34,000 अधिक महिलाओं ने वोट डाले और बढ़त लगभग 10% महिला मतदाताओं की रही।
चुनाव विश्लेषकों के अनुसार, ये वही महिलाएं थीं जिनमें जीविका समूह की दीदियां बड़ी संख्या में शामिल थीं, जिनके खाते में हाल ही में 10,000 रुपये पहुंचे थे।

विपक्ष के आरोप और राजनीतिक हलचल

रुझानों के सामने आते ही विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सरकार ने चुनाव के मद्देनजर महिलाओं को प्रभावित करने और मतदान रुझान बदलने के लिए यह पैसा ट्रांसफर किया। हालांकि सरकार इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करती है और इसे कल्याणकारी योजनाओं का हिस्सा बताती है।

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