
नई दिल्ली: राजधानी में शीतलहर और बढ़ते प्रदूषण के बीच जनजीवन अस्त-व्यस्त है। सुबह-शाम का समय सबसे कठिन साबित हो रहा है, जबकि धूप निकलने पर कुछ राहत मिल रही है। बुधवार को न्यूनतम तापमान महज 3.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.6 डिग्री कम है। गुरुवार को भी येलो अलर्ट जारी है।
प्रदूषण का स्तर बेहद खराब (AQI 353) बना हुआ है और अगले दस दिन तक इसी स्थिति की उम्मीद है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 15 से 17 जनवरी तक प्रदूषण सबसे ज्यादा रहेगा।
एम्स की चेतावनी: रूमेटोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. उमा कुमार का कहना है कि ठंड और प्रदूषण से ऑटोइम्यून बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। तनाव और नींद की कमी भी इन बीमारियों को बढ़ावा देती है। बच्चों को अत्यधिक सुरक्षित रखने की बजाय सामान्य वातावरण में रहने देना चाहिए, ताकि उनकी प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो सके।
डॉ. उमा ने बताया कि ऑटोइम्यून बीमारियों का इलाज लंबी अवधि तक जरूरी होता है और यह डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर की तरह नियमित देखरेख मांगती हैं।
राहत फिलहाल दूर है, और लोगों को ठंड व प्रदूषण से बचाव के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।