Wednesday, January 14

राफेल डील के आलोचकों को कीर्ति चक्र विजेता मेजर रावत का करारा जवाब: कहा– समझो देश सही दिशा में जा रहा

रक्षा मंत्रालय जल्द ही 114 राफेल फाइटर जेट की बड़ी डील पर फैसला लेने वाला है। यह डील फ्रांसीसी राष्ट्रपति के भारत दौरे से पहले अंतिम रूप ले सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समझौते की अनुमानित लागत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये होगी और खास बात यह है कि राफेल विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा, जिसमें 30 प्रतिशत तक स्वदेशी सामग्री का उपयोग होगा।

This slideshow requires JavaScript.

हालांकि, इस डील को लेकर कुछ विशेषज्ञों ने विमान की कीमत और शर्तों को लेकर सवाल उठाए हैं। इस पर कीर्ति चक्र विजेता मेजर दिग्विजय सिंह रावत ने आलोचकों को करारा जवाब दिया।

मेजर रावत ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि भारतीय वायुसेना के किसी भी सेवारत या रिटायर्ड पायलट ने राफेल डील की आलोचना नहीं की है। उन्होंने कहा, “ये वे लोग हैं जो असल में विमान उड़ाते हैं, लड़ते हैं और मिशन में अपनी जान जोखिम में डालते हैं। जबकि ट्विटर के 420 ‘चेयरबोर्न डिवीजन’ के लोग, जिन्होंने कभी जोखिम नहीं उठाया, वे कुर्सी पर बैठकर डील की आलोचना कर रहे हैं और पीएम मोदी, भारतीय वायुसेना, एनएनए अजीत डोभाल और बीजेपी पर अपशब्द कह रहे हैं।”

मेजर रावत ने आगे कहा कि जब पेशेवर लोग पूरी तरह से आत्मविश्वासी हों और केवल कुर्सी पर बैठे ‘विशेषज्ञ’ गुस्से में हों, तब समझना चाहिए कि देश सही दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से मोदी सरकार और भारतीय वायुसेना के फैसले का समर्थन किया।

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस सौदे के तहत भारतीय वायुसेना के लिए 12-18 राफेल विमानों को उड़ने की स्थिति में खरीदा जाएगा। प्रस्ताव को अगले दो-तीन दिनों में मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा। साथ ही भारत फ्रांस से यह सुविधा भी मांग रहा है कि विमानों में भारतीय हथियार और अन्य स्वदेशी प्रणालियाँ जोड़ी जा सकें।

हालांकि, विमानों का सोर्स कोड केवल फ्रांसीसी पक्ष के पास रहेगा। इसके बावजूद यह डील अमेरिका और रूस द्वारा पेश किए गए पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के विकल्पों से अलग है। ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत इस डील में 30 प्रतिशत तक स्वदेशी सामग्री का उपयोग होगा।

यदि यह सौदा मंजूर हो जाता है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा होगा और भारतीय वायुसेना में राफेल विमानों की संख्या बढ़कर 176 हो जाएगी। इस प्रस्ताव को रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी के पास अंतिम अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।

 

Leave a Reply