
डोनाल्ड ट्रंप के आर्कटिक कमिश्नर थॉमस डैन्स ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस रणनीतिक द्वीप पर जल्दी ही ऐक्शन शुरू कर सकते हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस 14 जनवरी को डेनमार्क और ग्रीनलैंड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करने जा रहे हैं।
तेजी से आगे बढ़ रही योजना
थॉमस डैन्स ने कहा कि यह “कई स्टॉप वाला ट्रेन रूट” है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप इसे तेज गति से मुख्य स्टेशन तक ले जाना चाहते हैं। डैन्स ने उम्मीद जताई कि बातचीत और डील में प्रगति जल्दी हो सकती है, लेकिन ग्रीनलैंड के लोगों का समर्थन हासिल करने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड के लगभग 57,000 निवासियों में से अधिकांश अभी भी डेनमार्क से अलग होना चाहते हैं, लेकिन स्थानीय प्रधानमंत्री का कहना है कि लोग डेनमार्क को ही चुनेंगे।
अमेरिका की रणनीति और स्थानीय समर्थन
डैन्स के अनुसार, ग्रीनलैंड को अमेरिकी अधिग्रहण में शामिल करने के लिए अमेरिका को लोगों का भरोसा और समर्थन हासिल करना होगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि लेन-देन और रणनीतिक फैसले अमेरिका की तरफ से तेजी से हो सकते हैं।
रूस की नजर भी ग्रीनलैंड पर
इस बीच क्रेमलिन ने भी ग्रीनलैंड में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। पूर्व रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदव ने चेतावनी दी कि यदि ट्रंप जल्दी कदम नहीं उठाते हैं तो ग्रीनलैंड के लोग रूस के साथ जुड़ने के लिए वोट कर सकते हैं।
विश्लेषण:
ग्रीनलैंड आर्कटिक रणनीति और प्राकृतिक संसाधनों के लिहाज से बेहद अहम है। ट्रंप प्रशासन की यह तेजी अमेरिकी भू-राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है और रूस के साथ क्षेत्रीय टकराव की संभावनाओं को भी बढ़ा सकती है।
