Wednesday, January 14

‘25 भैरव बटालियन, 15 शक्तिबाण और 34 दिव्यास्त्र’ दुश्मन के लिए भारत का अचूक सैन्य प्लान, चीन-पाकिस्तान में मचा सन्नाटा

 

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नई दिल्ली।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने अपनी सैन्य शक्ति को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठा लिया है। भारतीय सेना अब न केवल सीमाओं की रक्षा करेगी, बल्कि दुश्मन के हर दुस्साहस का त्वरित और निर्णायक जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना की नई युद्ध संरचना का खुलासा करते हुए कहा कि आने वाले महीनों में भारतीय सेना में भैरव लाइट कमांडो बटालियन, शक्तिबाण रेजिमेंट और दिव्यास्त्र तोपखाना रेजिमेंट जैसी अत्याधुनिक और घातक इकाइयाँ शामिल की जाएंगी।

सेना प्रमुख के अनुसार, 25 भैरव लाइट कमांडो बटालियनों को चरणबद्ध तरीके से सेना में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही शक्तिबाण की 15 बटालियन प्रारंभिक तौर पर गठित होंगी, जबकि अगले चरण में शक्तिबाण रेजिमेंट की 11 अतिरिक्त बटालियन सेना की ताकत बढ़ाएँगी। वहीं, तोपखाना शक्ति को नया आयाम देने के लिए 34 दिव्यास्त्र बैटरियों को भी सेना में शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, रुद्र ब्रिगेड की सात बटालियनों के विस्तार की भी योजना है।

कर्तव्य पथ पर पहली बार दिखेगी भैरव बटालियन

कारगिल से ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद घोषित की गई भैरव लाइट कमांडो बटालियन अब देश के सामने अपने शौर्य का प्रदर्शन करने जा रही है। पहली बार कर्तव्य पथ पर भैरव बटालियन के जवान कदमताल करते हुए सुप्रीम कमांडर को सलामी देंगे। अब तक पाँच भैरव बटालियन गठित हो चुकी हैं और अगले छह महीनों में सभी 25 बटालियनों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
हर भैरव बटालियन में 250 अत्यंत प्रशिक्षित एलीट सैनिक होंगे, जो तेज़, गुप्त और निर्णायक कार्रवाई में माहिर होंगे।

सेना में व्यापक पुनर्गठन

जनरल द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि भविष्य के युद्धों को देखते हुए सेना को रॉकेट और मिसाइल फोर्स की सख्त आवश्यकता है। इसी दिशा में सेना का पुनर्गठन जारी है। सरकार ने लंबे समय से लंबित एकीकृत युद्ध समूह (IBG) के गठन को मंजूरी दे दी है, जिसमें पैदल सेना, तोपखाना, वायु रक्षा, टैंक और रसद इकाइयाँ एक साथ कार्य करेंगी।

एलओसी के पार आतंकी ठिकानों पर पैनी नजर

सेना प्रमुख ने बताया कि नियंत्रण रेखा के पार कम से कम छह आतंकी शिविर और अंतरराष्ट्रीय सीमा के उस पार दो सक्रिय आतंकी शिविर मौजूद हैं, जिनमें 100 से 150 आतंकवादी छिपे हुए हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि कोई भी नापाक हरकत की गई तो भारतीय सेना बिना देरी के करारा जवाब देगी।

चीन-पाकिस्तान में बढ़ी बेचैनी

ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को मिली करारी शिकस्त के बाद उसका रणनीतिक साझेदार चीन भी भारत की बढ़ती सैन्य शक्ति से चिंतित है। भारत की वैश्विक पकड़, आधुनिक हथियार प्रणालियाँ और नई युद्धक इकाइयों के गठन से पाकिस्तान और चीन दोनों में खलबली मची हुई है
भैरव, शक्तिबाण और दिव्यास्त्र जैसी घातक इकाइयों के ऐलान ने साफ कर दिया है कि भारत अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि निर्णायक और आक्रामक रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है।

भारतीय सेना का यह नया स्वरूप दुश्मनों के लिए स्पष्ट संदेश है —
भारत अब हर मोर्चे पर तैयार है, और हर वार का जवाब कई गुना ताकत से दिया जाएगा। 🇮🇳

 

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