
गाजियाबाद जिले में अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग के खिलाफ गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। विवेक विहार और मिथिला नगर (चिरौड़ी रोड, राधा स्वामी सत्संग भवन के सामने) में विकसित की जा रही करीब 70 बीघा क्षेत्रफल की अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चलाकर निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान लगभग 100 अवैध प्लॉटों की बाउंड्रीवॉल, बिल्डर का साइट ऑफिस और हाल ही में बनाई गई आंतरिक सड़कें पूरी तरह गिरा दी गईं। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और जीडीए की प्रवर्तन टीम तैनात रही।
जीडीए की सख्त चेतावनी
जीडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों द्वारा इन कॉलोनियों की प्लॉटिंग की जा रही थी, उनके पास जमीन का वैध मालिकाना अधिकार नहीं है। ऐसे में आम नागरिकों को इन इलाकों में किसी भी प्रकार का प्लॉट खरीदने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है। प्राधिकरण ने दो टूक कहा कि यहां न तो कोई नक्शा पास है और न ही भवन निर्माण की अनुमति।
हिंडन और यमुना किनारे अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई तय
गाजियाबाद को बाढ़ के खतरे से सुरक्षित रखने और नदियों के सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों ने बाढ़ नियंत्रण और नदी किनारे के विकास को लेकर मंथन किया।
डीएम ने निर्देश दिए कि हिंडन और यमुना नदी के किनारे बसी सभी अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमणों को चिह्नित कर शीघ्र कार्रवाई की जाए। नदी की जमीन पर किसी भी तरह के कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों ने दिए सुझाव
बैठक में सदर विधायक संजीव शर्मा ने हिंडन नदी के सौंदर्यीकरण और बड़े पैमाने पर पौधारोपण का प्रस्ताव रखा। वहीं, मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी ने सुराना और कुन्हेंड़ा गांव में बाढ़ से बचाव के लिए दो बड़े परियोजनाओं का सुझाव दिया।