
गाजियाबाद: साहिबाबाद थाना क्षेत्र में महिला थाने की रिपोर्टिंग चौकी प्रभारी दरोगा भुवनेश्वरी सिंह को एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार दोपहर 45 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया।
कांड की पृष्ठभूमि:
पीड़ित रामपाल सैनी ने 9 जनवरी को एंटी करप्शन टीम को शिकायत दी थी। आरोप था कि बहू की ओर से बेटे के खिलाफ महिला थाने में दर्ज मुकदमे में भुवनेश्वरी ने उन्हें आरोपी बनाने का डर दिखाकर 45 हजार रुपये की मांग की। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने दरोगा को जाल में फंसाकर गिरफ्तार किया।
कौन हैं भुवनेश्वरी सिंह?
भुवनेश्वरी सिंह मूल रूप से अलीगढ़ की रहने वाली हैं और यूपी पुलिस में 2002 बैच की अधिकारी हैं। उनकी नियुक्ति के बाद कई बार चर्चा रही है। वह दो बार पहले भी रिश्वत के मामलों में गिरफ्तार हो चुकी हैं।
एनकाउंटर टीम में शामिल रही:
भुवनेश्वरी सिंह यूपी में पहली बार एनकाउंटर करने वाली महिला पुलिसकर्मियों की टीम का हिस्सा रही थीं। नवरात्रि 2025 के पहले दिन गाजियाबाद महिला थाने की टीम ने छिनैती के आरोपियों का एनकाउंटर किया था। घायल आरोपियों को कंधे पर गाड़ी तक लाने वाली भुवनेश्वरी की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।
पिछले केस:
वर्ष 2022 में कानपुर में भी रिश्वत लेने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। उस समय आरोप था कि उन्होंने युवकों को छोड़ने के लिए 50 हजार रुपये नकद, चेन, अंगूठी व अन्य सामान की मांग की थी।
पुलिस की प्रतिक्रिया:
एसीपी साहिबाबाद श्वेता यादव ने बताया कि देर शाम केस दर्ज कर आरोपी दरोगा को गिरफ्तार कर लिया गया। महिला दरोगा को निलंबित करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
पीड़ित रामपाल ने बताया कि उनके बेटे और बहू के बीच झगड़े के बाद बहू ने सुरक्षा की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में दरोगा ने परिवार के लोगों का नाम हटाने के लिए रिश्वत मांगी, जिसे लेकर उन्होंने एंटी करप्शन टीम से शिकायत दर्ज कराई।