
पश्चिम बंगाल की रानाघाट रेलवे स्टेशन पर गाकर रातोंरात मशहूर हुई रानू मंडल की कहानी इस वक्त बेहद दर्दनाक मोड़ पर है। वह वही रानू मंडल हैं, जिन्हें लता मंगेशकर के गाने की आवाज़ की वजह से ‘रानाघाट की लता मंगेशकर’ कहा जाता है। एक समय रानू मंडल ने शानदार नाम और शोहरत देखी, रियलिटी शोज़ में गाए और हिमेश रेशमिया की फिल्मों में भी उनके गाने शामिल हुए। लेकिन अब उनकी जिंदगी की तस्वीर बिलकुल बदल चुकी है।
कुछ महीने पहले रानू मंडल की हालत देखकर लोग दंग रह गए। न खाने के लिए कुछ था, न पहनने के लिए कपड़े, और जिस घर में वे रहती थीं वहां कीड़े रेंग रहे थे। घर पूरी तरह से गंदगी और कूड़े-कचरे से भरा हुआ था। उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं बताई जाती।
रानू मंडल का असली नाम रानू मारिया मंडल है। वह संपन्न परिवार से थीं, लेकिन महज छह महीने की उम्र में माता-पिता से अलग कर दिया गया और दादी ने उन्हें पाला। शादी के बाद वह मुंबई आ गईं और क्लबों में गाने लगीं। उनके पति बबलू मंडल, बॉलीवुड के दिवंगत अभिनेता फिरोज खान के घर कुक थे। रानू के अनुसार, उन्होंने हमेशा गाने को शौक और प्यार के लिए चुना, किसी मौके की चाहत में नहीं।
रानू मंडल ने दो शादियां कीं। पहले पति ने उन्हें क्लब में गाने के कारण छोड़ा, लेकिन उनसे दो बच्चे थे। दूसरे पति की मौत के बाद वह डिप्रेशन में चली गईं और बच्चों के साथ राणाघाट लौट आईं। गरीबी और मुश्किलों के बीच रेलवे स्टेशन पर गाने लगीं।
उनकी किस्मत 2019 में पलटी, जब रेलवे स्टेशन पर उनका लता मंगेशकर का गाना गाते हुए वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद उन्होंने 5-6 गाने रिकॉर्ड किए, रियलिटी शो और इवेंट्स में भाग लिया। पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें सम्मानित किया और बेटी भी उनसे फिर जुड़ गई।
लेकिन अब हालात फिर बिगड़ गए हैं। हाल ही में यूट्यूबर निशू तिवारी के अनुसार, रानू मंडल जिस घर में रहती हैं वहां कीड़े रेंग रहे हैं, घर में बदबू और गंदगी है। उनके पास खाने-पीने का भी अभाव है और मानसिक स्थिति इतनी कमजोर हो गई है कि वह कुछ समझ नहीं पातीं और अक्सर क्रोधित हो जाती हैं।
रानू मंडल की कहानी समाज को यह याद दिलाती है कि संघर्ष और सफलता के बीच जीवन हमेशा स्थायी नहीं होता। कभी जो सितारा चमकता है, वह भी परिस्थिति बदलने पर मुश्किल हालात में आ सकता है।