
आमतौर पर महिलाएं नॉर्मल डिलीवरी के अलावा सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए भी मां बनती हैं। लेकिन कई महिलाओं के मन में यह सवाल रहता है कि सिजेरियन डिलीवरी कितनी बार सुरक्षित होती है। इस विषय पर गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका ने हाल ही में अहम जानकारी साझा की।
सिजेरियन डिलीवरी एक मेजर सर्जरी
डॉ. प्रियंका के अनुसार, सिजेरियन डिलीवरी एक मेजर सर्जरी है। इसमें पेट की सात परतों को काटकर बच्चे को जन्म दिया जाता है और बाद में इन परतों को रिस्टिच किया जाता है।
ऑपरेशन की संख्या बढ़ने पर बढ़ते हैं रिस्क
जैसे-जैसे सिजेरियन ऑपरेशन की संख्या बढ़ती है, ऑपरेशन के दौरान और बाद में होने वाले जोखिम भी बढ़ जाते हैं। बार-बार यूट्रस की स्टिचिंग और रिस्टिचिंग से टांकों की मजबूती कमजोर पड़ सकती है, जिससे बाद में खुलने का खतरा बढ़ जाता है।
उदाहरण से समझें
डॉ. प्रियंका बताती हैं कि इसे कपड़े के उदाहरण से समझा जा सकता है। अगर किसी कपड़े को बार-बार काटकर सिलाई की जाए, तो तीन–चार बार के बाद उसकी मजबूती काफी कम हो जाती है। यही बात सिजेरियन डिलीवरी पर भी लागू होती है।
सुरक्षित संख्या
विशेषज्ञों के अनुसार, दो या अधिकतम तीन बार सिजेरियन डिलीवरी ही सुरक्षित मानी जाती है। इसके बाद जटिलताओं (कॉम्प्लिकेशन) का खतरा बढ़ जाता है।
महिलाओं को ध्यान रखने योग्य बातें
- बच्चों के बीच पर्याप्त अंतर रखें।
- नियमित चेकअप कराते रहें।
- हर कदम पर डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सोशल मीडिया रील और इंटरनेट सामग्री पर आधारित है। नवभारत टाइम्स इसकी सटीकता की जिम्मेदारी नहीं लेता। किसी भी निर्णय से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श करें।