
नागौर/जयपुर। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में चल रहे किसान आंदोलन में बड़ी सफलता मिली है। बजरी माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई और किसानों की 15 सूत्री मांगों को लेकर रियांबड़ी से जयपुर कूच कर रहे बेनीवाल का काफिला देर रात नागौर जिले के अंतिम गांव बड़ी घाटी तक पहुंचा। सुबह 5 बजे प्रशासन ने किसानों की सभी मांगें मान लीं, इसके बाद बेनीवाल ने आंदोलन स्थगित करने का ऐलान किया।
सरकार ने मांगे मान लीं
सुबह 6 बजे हनुमान बेनीवाल ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने सभी मांगें लिखित रूप में मान ली हैं। उन्होंने बताया कि बजरी माफियाओं के खिलाफ प्रशासन कल से सर्वे टीमें रियांबड़ी में भेजेगा, चौकियां स्थापित की जाएंगी और कैमरे लगेंगे। गोचर भूमि का गलत उपयोग करने वाले अधिकारी और खनन माफियाओं के साथ मिलीभगत करने वाले अन्य अधिकारी भी कठोर कार्रवाई के दायरे में आएंगे। मेड़ता-पुष्कर रास रेलवे लाइन अधीन किसानों को विशेष पैकेज और अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों का मुआवजा भी दिया जाएगा।
कड़ाके की ठंड में किसानों ने दिखाया दम
हनुमान बेनीवाल ने बताया कि भरी ठंड में आरएलपी के हजारों कार्यकर्ता और नागौर के किसान नौ घंटे तक सड़क पर डटे रहे। उनके इस शांतिपूर्ण आंदोलन की वजह से सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने सभी लोगों से शांति बनाए रखने और अपने-अपने घर लौटने का आग्रह किया।
दो हजार गाड़ियों का काफिला जयपुर की ओर बढ़ा
रियांबड़ी से जयपुर कूच के दौरान बेनीवाल के काफिले में दो हजार से ज्यादा वाहन शामिल थे। कई किलोमीटर तक सिर्फ किसानों के वाहनों का काफिला देखा गया। बाड़ी घाटी टोल पर प्रशासन के आग्रह पर काफिला रुका और प्रतिनिधिमंडल व अधिकारियों के बीच वार्ता हुई।
36 घंटे में दो बड़ी रैलियां
किसानों की मांगों को लेकर रियांबड़ी में सिर्फ 36 घंटे में दो बड़ी रैलियां हुईं। रविवार को भी बेनीवाल रातभर धरने पर बैठे थे और प्रशासन ने दो दिन का समय मांगा था। मंगलवार को आंदोलन की दूसरी कड़ी में बेनीवाल ने रियांबड़ी से जयपुर कूच का आह्वान किया।
हुक्मरानों के सामने जनता की ताकत
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि जनता की ताकत के सामने सरकार को झुकना पड़ा। इस जीत के साथ किसान आंदोलन सफल रहा और रियांबड़ी से शुरू हुए आंदोलन ने स्पष्ट संदेश दिया कि शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने का असर कितना बड़ा हो सकता है।