
नई दिल्ली: रोबोटिक्स के क्षेत्र में भारत ने एक बड़ा कदम बढ़ाया है। भारतीय स्टार्टअप xTerra रोबोटिक्स ने IIT कानपुर की मदद से SCORP नामक भारत का पहला लेग्ड मोबाइल मैनिपुलेटर रोबोट पेश किया है। यह रोबोट डॉग की तरह दिखता है और उन जगहों पर काम कर सकता है, जो इंसानों के लिए खतरनाक या जोखिमभरे हों।
SCORP क्यों खास है?
पारंपरिक रोबोट अक्सर सीढ़ियों, उबड़–खाबड़ रास्तों या आपदा प्रभावित इलाकों में काम नहीं कर पाते। वहीं, SCORP इन चुनौतियों को आसानी से पार कर सकता है।
- चार पैरों से स्थिर चलना
- रोबोटिक हाथ से औजार पकड़ना, जांच करना और खतरनाक सामान संभालना
- खतरनाक परिस्थितियों में इंसानों की जरूरत कम करना
SCORP से पहले SVAN
xTerra ने SCORP से पहले SVAN रोबोट्स विकसित किए थे। इसमें SVAN M2 भारत का पहला कमर्शियल क्वाड्रुपेड रोबोट माना जाता है। यह सीरीज SCORP के विकास का आधार बनी और दोनों ही रोबोट AI और स्वदेशी इंजीनियरिंग का बेहतरीन उदाहरण हैं।
एल्गोरिदम की खासियत
SCORP का इंटेलिजेंट गेट एल्गोरिदम इसे पथरीली जमीन, सीढ़ियों, ढलान और संकरी जगहों में संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। यही इसे इंडस्ट्रियल साइट्स, बड़े प्लांट्स, सुरंगों और आपदा प्रभावित इलाकों में बेहद उपयोगी बनाता है।
SCORP की तकनीकी विशेषताएँ
- हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे और स्टेरियो डेप्थ सेंसर
- मशीनों, पाइपलाइनों और इमारतों में नुकसान का सटीक अंदाजा
- रोबोटिक हाथ से सामान उठाना, जांच करना और स्थानांतरित करना
- निगरानी, वाहनों की जांच, स्मार्ट शहरों में कचरे का प्रबंधन और फायर सेफ्टी में उपयोग
निष्कर्ष: SCORP न सिर्फ भारत की रोबोटिक्स क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि इंसानों के लिए खतरनाक कामों में सुरक्षा और दक्षता भी सुनिश्चित करता है। यह भारत के स्मार्ट रोबोटिक्स भविष्य का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।