Friday, June 19

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कानून से ऊपर कोई नहीं, न वर्दी न ओहदा अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों पर केस के आदेश पर बोले सांसद जियाउर्रहमान बर्क

 

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संभल। संभल हिंसा के दौरान एक युवक को गोली मारने के मामले में तत्कालीन क्षेत्राधिकारी (सीओ) अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने के कोर्ट के आदेश के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इस मामले में संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क का तीखा बयान सामने आया है।

 

सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा,

“कानून से ऊपर कोई नहीं है—न वर्दी, न ओहदा। यह फैसला साफ संदेश देता है कि कानून तोड़ने वाला चाहे अफसर हो या आम नागरिक, उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा।”

 

सीजेएम कोर्ट के फैसले को बताया ऐतिहासिक

 

सपा सांसद ने कहा कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट का यह आदेश ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि संभल हिंसा के दौरान जिन अधिकारियों ने कानून की सीमाएं लांघीं और अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया, उन्हें न्यायपालिका के जरिए इंसाफ के कटघरे में लाया जाएगा।

 

बर्क ने आगे लिखा,

“जुल्म के खिलाफ और हक के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी। इंसाफ देर से सही, लेकिन मिलेगा जरूर।”

 

क्या है पूरा मामला

 

थाना नखासा क्षेत्र के मोहल्ला खग्गू सराय अंजुमन निवासी यामीन ने 6 फरवरी 2024 को सीजेएम न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि उनका बेटा आलम 24 नवंबर 2024 को रस्क (टोस्ट) बेचने के लिए घर से निकला था। शाही जामा मस्जिद क्षेत्र में पहुंचने पर पुलिस ने उसे गोली मार दी।

 

याचिका में तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, संभल कोतवाली इंस्पेक्टर अनुज तोमर समेत कुल 12 पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है।

 

कोर्ट का आदेश

 

9 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई के बाद सीजेएम कोर्ट ने मामले में सभी नामजद पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। इसी आदेश के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

 

शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की थी हिंसा

 

24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद–श्री हरिहर मंदिर विवाद में कोर्ट के आदेश पर दूसरी बार सर्वे के लिए टीम पहुंची थी। इस दौरान मस्जिद के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और हालात बेकाबू हो गए। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया, जिसके बाद पत्थरबाजी, आगजनी और गोलीबारी हुई।

 

इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

 

हिंसा के बाद दर्ज हुई थीं 12 एफआईआर

 

हिंसा के बाद संभल कोतवाली और नखासा थाने में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इनमें सांसद जियाउर्रहमान बर्क, सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल समेत 40 नामजद और करीब 2750 अज्ञात उपद्रवियों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने तीन महिलाओं समेत 79 लोगों को गिरफ्तार किया था।

 

चार्जशीट भी दाखिल

 

मामले की जांच कर रही एसआईटी ने 1128 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। इसमें सांसद जियाउर्रहमान बर्क समेत 23 लोगों पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, सपा विधायक के बेटे का नाम चार्जशीट में शामिल नहीं किया गया।

 

हिंसा के समय संभल के चर्चित सीओ अनुज चौधरी वर्तमान में फिरोजाबाद में एसपी ग्रामीण के पद पर तैनात हैं।

 

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