
नई दिल्ली: म्यूचुअल फंड में निवेशकों की बढ़ती रुचि का प्रमाण दिसंबर 2025 में सामने आया, जब फ्लेक्सी कैप म्यूचुअल फंड में रिकॉर्ड तोड़ निवेश दर्ज किया गया। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, इस महीने कुल 10,019 करोड़ रुपये का इनफ्लो हुआ, जो किसी एक महीने में फ्लेक्सी कैप कैटेगरी में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
नवंबर 2025 में फ्लेक्सी कैप फंड में निवेश 8,135 करोड़ रुपये था। दिसंबर में यह बढ़कर 23% अधिक हो गया। वहीं, साल 2024 के दिसंबर की तुलना में यह वृद्धि 112% रही, जब इनफ्लो सिर्फ 4,730 करोड़ रुपये था।
इनफ्लो बढ़ने के कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लेक्सी कैप फंड में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी का मुख्य कारण इन फंड्स की फ्लेक्सिबिलिटी है। इन फंड्स में फंड मैनेजर को मार्केट कैप के हिसाब से शेयर बदलने की पूरी आजादी होती है। साथ ही, निवेशक आजकल सतर्क होकर निवेश कर रहे हैं और ऐसे फंड्स की ओर आकर्षित हुए हैं जो लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दे सकते हैं।
बेहतर रिटर्न के अवसर
प्लान अहेड वेल्थ एडवाइजर्स के फाउंडर और सीईओ विशाल धवन के मुताबिक, साल 2025 में मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में रिटर्न असमान रहे, जिससे निवेशक फ्लेक्सी-कैप फंड की ओर बढ़े। यह फंड डायवर्सिफाइड कोर ऑप्शन के रूप में निवेशकों को पसंद आ रहे हैं।
सावधानी भी जरूरी
धवन ने निवेशकों को सलाह दी कि सिर्फ रेकॉर्ड इनफ्लो देखकर निवेश बढ़ाना ठीक नहीं है। फ्लेक्सी-कैप फंड को कोर होल्डिंग के तौर पर ही रखें और अपने लंबे समय के एसेट एलोकेशन के अनुसार ही निवेश बनाए रखें। निवेश धीरे-धीरे और जरूरत के हिसाब से बढ़ाना चाहिए।