
बड़वानी: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के ग्राम उमरठी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जगदीश डाबर ने सोमवार को पुलिस चौपाल आयोजित कर समाज के लोगों से सीधा संवाद किया। इस मौके पर उन्होंने सिकलीगर समाज को दो टूक कहा कि अवैध हथियार न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि बच्चों और समाज के भविष्य के लिए भी घातक हैं।
एसपी डाबर ने चौपाल में विशेष रूप से सिकलीगर समाज के प्रमुख नागरिकों को संबोधित करते हुए उन्हें अवैध हथियार निर्माण एवं बिक्री जैसे गंभीर अपराधों से दूर रहने की सख्त लेकिन संवेदनशील समझाइश दी। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों से व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा और परिवार का भविष्य भी प्रभावित होता है।
मुख्यधारा से जुड़ने की प्रेरणा
एसपी ने समाज के लोगों को मेहनत-मजदूरी, हुनर आधारित कार्य और वैकल्पिक रोजगार अपनाकर सम्मानजनक जीवन जीने और मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। चौपाल में उपस्थित महिलाओं से भी अपील की गई कि यदि उनके आसपास कोई अवैध हथियार निर्माण या तस्करी में संलिप्त हो, तो वे निर्भीक होकर पुलिस को सूचित करें।
बुजुर्ग और नौजवानों के समूह बनाए
पुलिस अधीक्षक ने बुजुर्ग और नौजवान लोगों के दो अलग-अलग समूह बनाए। बुजुर्ग समूह नौजवानों को सही मार्गदर्शन देंगे, जबकि नौजवान अवैध काम करने वालों की सूचना पुलिस तक पहुंचाएंगे। इस कार्यक्रम में एसडीओपी सेंधवा अजय वाघमारे, थाना प्रभारी वरला नारायण रावल, पुलिस स्टाफ, ग्राम सरपंच और सिकलीगर समाज के वरिष्ठजन उपस्थित रहे।
उमरठी का अवैध हथियार निर्माण में कुख्यात इतिहास
ग्राम उमरठी लंबे समय से अवैध हथियार निर्माण के लिए देशभर में कुख्यात रहा है। परंपरागत रूप से कुछ वर्ग यहां देशी हथियार बनाने में संलिप्त रहे हैं। बड़वानी पुलिस ने पिछले वर्षों में इस क्षेत्र में कई बड़ी कार्रवाई की हैं। एसपी डाबर के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में 45 प्रकरण दर्ज किए गए, 40 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 400 से अधिक अवैध हथियार जब्त किए गए।
एसपी डाबर ने स्पष्ट कहा कि अवैध हथियारों की जड़ को उखाड़ना और नई पीढ़ी को इससे दूर रखना पुलिस की प्राथमिकता है, ताकि समाज मुख्यधारा से जुड़कर सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सके।